मध्य प्रदेश की बोर्ड परीक्षा के परिणामों की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर सात छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या कर ली. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये छात्र अपने प्रदर्शन से निराश थे. पुलिस ने बताया कि सोमवार को राज्य की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद भोपाल, सीहोर और छतरपुर जिले में दो-दो छात्रों ने आत्महत्या कर ली. उज्जैन में भी एक छात्र ने अपनी जान ले ली. इसके अलावा ग्वालियर और दमोह से भी छात्रों के आत्महत्या करने की कोशिश की खबरें आईं.

भोपाल पुलिस के मुताबिक कर्ण कनाडे नाम के 12वीं के छात्र ने कोहे-फिजा इलाके की एक इमारत की पांचवीं मंजिल से कूद कर जान दे दी. पुलिस का कहना है कि कर्ण पिछले साल भी परीक्षा में फेल हो गया था. इस साल भी वह परीक्षा पास नहीं कर सका और इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली. भोपाल में ही तलैया इलाके में रहने वाली 10वीं की छात्रा भावना रायकवाड़ ने परीक्षा में पास नहीं होने के चलते पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली.

उधर, सीहोर जिले के अमलाहा गांव की नेहा चौहान ने भी खुद को फांसी लगा ली. नेहा 10वीं की छात्रा थी. सीहोर में ही 10वीं की एक और छात्रा किरन बारडे ने अपने परीक्षा परिणाम से दुखी होकर जहर खा लिया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां बाद में उसकी मौत हो गई. राज्य के दूसरे इलाकों से भी छात्रों के आत्महत्या करने की खबरें हैं. पिछले साल मध्य प्रदेश की बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद 12 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी.