केरल में प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का गुप्त प्रशिक्षण शिविर चलाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है. खबरों के मुताबिक सभी 18 दोषियों को सात साल के सश्रम कारावास की सजा मिली है. एनआईए कोर्ट ने इन्हें सोमवार को दोषी ठहराया था, जबकि 17 अन्य लोगों को बरी कर दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक सिमी का यह प्रशिक्षण शिविर 2007 में 10-12 दिसंबर के बीच लगाया गया था. इसमें शामिल युवाओं को हथियार चलाने, पेट्रोल बम बनाने, मोटरसाइकिल रेसिंग और रस्सी चढ़ने का प्रशिक्षण दिया गया था. जांच एजेंसी के मुताबिक यह प्रशिक्षण शिविर आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के लिए प्लेटफॉर्म की तरह काम कर रहा था.

जांच एजेंसी ने इस मामले में 38 लोगों को आरोपित बनाया था. इन पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साजिश रचने, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन करने और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. हालांकि, इनमें से दो आरोपित फरार हो गए थे, जबकि एक की भोपाल के सेंट्रल जेल से कथित तौर पर फरार होने के बाद पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी.