केरल का पर्यटन विभाग मंगलवार को हास्यास्पद स्थिति में पड़ गया. द हिंदू के मुताबिक जैसे ही कर्नाटक के चुनाव नतीज़ों से यह संकेत निकले कि वहां त्रिशंकु विधानसभा बनी है और गठबंधन सरकार बन सकती है, केरल पर्यटन विभाग के अधिकृत ट्विटर अकाउंट पर एक संदेश डाला गया. इसमें विभाग ने राज्य में मौज़ूद रिज़ॉर्ट्स को ‘ख़ूबसूरत और सुरक्षित’ बताते हुए कर्नाटक के विधायकों काे वहां कुछ वक़्त बिताने के लिए आमंत्रित किया था.

अख़बार के मुताबिक यह ट्वीट ठीक उसी समय आया जब कर्नाटक में तीसरे नंबर पर आई जनता दल-सेकुलर और दूसरे स्थान तक पहुंची कांग्रेस ने हाथ मिलाने की घोषणा की थी. इसके बाद यह अटकलें भी लगाई जाने लगी थीं ये दोनों पार्टियां अपने विधायकों को भारतीय जनता पार्टी की संभावित ख़रीद-फ़रोख़्त से बचाने के लिए किसी रिज़ॉर्ट में भेज सकती हैं. लिहाज़ा तुरंत ही ट्विटर यूज़र्स ने केरल पर्यटन विभाग के इस ट्वीट को हाथों-हाथ लिया.कइयों ने इसे ‘भगवान का ट्वीट’ बताया क्योंकि केरल पर्यटन विभाग की टैगलाइन ही है गॉड्स ओन कंट्री यानी भगवान का अपना देश.

कई यूज़र्स ने केरल पर्यटन विभाग की जमकर ख़िल्ली उड़ाई. एक यूज़र ने लिखा, ‘केरल के पर्यटन विभाग ने अच्छा सोचा. फल पकते ही रस निकालने के लिए सबसे पहले तैयार.’ केरल से ताल्लुक़ रखने वाले केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने से ख़ुद को रोक नहीं पाए और राज्य के मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्रन भी. थोड़ी ही देर में केरल पर्यटन विभाग का ट्वीट 5,872 बार रीट्वीट किया जा चुका था. इसे 9,750 लाइक्स मिल चुके थे. केरल पर्यटन विभाग के अधिकृत फेसबुक पेज पर भी इस संदेश को 3,000 लाइक्स और 1,558 शेयर हासिल हो गए.

हालांकि इसी बीच विभाग को अपनी ग़लती का अहसास हो गया. इसके बाद विभाग के निदेशक पी बाला किरन सामने आए. उन्होंने अख़बार को संदेश भेजकर बताया, ‘मुझे अभी-अभी इस ट्वीट की जानकारी मिली है. हम इसे वापस ले रहे हैं.’ इसके बाद विभाग ने रात क़रीब नौ बजे अपना ट्वीट हटा लिया. हालांकि तब तक यह संदेश तो सोशल मीडिया में पहुंच ही चुका था कि केरल की वामपंथी सरकार कर्नाटक के जद-एस-कांग्रेस गठबंधन के विधायकों को आश्रय देने में मदद के लिए तैयार है.