कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की उम्मीदों को झटका लगता दिख रहा है. उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ आज होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत रोक दी है. उसने यह कदम अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास की वजह से उठाया है. उसने कहा कि यह सैन्य अभ्यास उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंधों में सुधार लाने की विचारधारा के खिलाफ है.

इस नए घटनाक्रम के बाद उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी केसीएनए ने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बातचीत को लेकर भी संदेह जताया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एजेंसी ने कहा, ‘दक्षिण कोरिया में हो रहा यह सैन्य अभ्यास हमें निशाना बना रहा है. यह पनमुनजोम घोषणापत्र के लिए गंभीर चुनौती है और कोरियाई प्रायद्वीप में हुई सकारात्मक राजनीतिक प्रगति के खिलाफ एक भड़काऊ सैन्य प्रयास है.’

वहीं, अमेरिका को लेकर एजेंसी ने कहा, ‘अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर जो सैन्य अभ्यास किया है उसके बाद उसे उत्तर कोरिया से होने वाली बातचीत के भविष्य को लेकर सावधान रहना होगा.’ उसने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हुए सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया के लिए सबसे बड़ी धमकी बताया और कहा कि इसके बाद बातचीत रोकने के अलावा उसके पास और कोई विकल्प नहीं था.

उधर, दक्षिण कोरिया ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के इस कदम से पहले आज दोनों देशों के बीच पनमुनजोम घोषणापत्र पर अमल करने के मुद्दे पर बातचीत होनी थी. बीती 27 अप्रैल को दोनों देशों ने इस घोषणापत्र के जरिये शांति, समृद्धि और एक होने की घोषणा की थी. इसके तहत परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करने की बात भी शामिल थी.