महाराष्ट्र के औरंगाबाद में बीती 12 मई को हुई हिंसा के मामले में पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शिव सेना और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के एक-एक पार्षद को गिरफ्तार किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद एसआईटी ने शिव सेना पार्षद राजेंद्र जंजाल की गिरफ्तारी की है. राजा बाजार इलाके के इस वीडियो में जंजाल वहां खड़े वाहनों और दुकानों को आग लगाते दिख रहे हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट एयू सुपेकर ने उन्हें 18 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

पुलिस के लिए जंजाल की गिरफ्तारी आसान नहीं रही. रिपोर्टों के मुताबिक एसआईटी जब उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो उन्होंने और उनके समर्थकों समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने पुलिस का विरोध किया. जंजाल ने पुलिस की गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया था. बाद में उन्हें क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार किया गया. उधर, नवाबपुरा से एआईएमआईएम पार्षद मोइनुद्दीन खान ने खुद ही पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. पुलिस उपायुक्त विनायक ढाकने ने कहा, ‘महत्वपूर्ण सबूतों के आधार पर दोनों (पार्षदों) को गिरफ्तार कर लिया गया है. हम (हिंसा में) उनका साथ देने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेंगे.’

12 मई को औरंगाबाद में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हिंसा के दौरान दर्जनों दुकानों और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी.