सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित कठुआ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में गवाहों को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है. खबरों के मुताबिक गवाहों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया था. याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि वे पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब उन पर दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और परिजनों को परेशान किया जा रहा है.

उधर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने इन आरोपों का जवाब देने के लिए अदालत से वक्त मांगा है. सरकार का यह भी कहना है कि पुलिस पर लगाए जा रहे ये आरोप जांच को प्रभावित करने की कोशिशें हैं. अदालत में गुरुवार को भी मामले की सुनवाई जारी रहेगी. इसके साथ शीर्ष अदालत ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग को भी खारिज कर दिया है. यह याचिका आरोपितों ने लगाई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने सात मई को कठुआ बलात्कार और हत्या मामले की सुनवाई पंजाब की पठानकोट अदालत में कराने का निर्देश दिया था. अदालत ने इस मामले की रोजाना और बंद कमरे में सुनवाई कराने के लिए कहा था. अदालत ने पीड़ित लड़की के पिता की याचिका पर यह फैसला सुनाया था, जिसमें राज्य में मामले की निष्पक्ष सुनवाई होने पर शक जताया गया था.