कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा के बीएस येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने का निमंत्रण तो दे दिया है लेकिन राज्य में पिछले दो दिनों से चल रहा सस्पेंस अभी भी जारी है. राज्यपाल के येद्दियुरप्पा को मिले निमंत्रण के तुरंत बाद कांग्रेस और जेडीएस इस मुद्दे पर रात को ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए और इस वक्त देश की सर्वोच्च अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी इस मसले पर कांग्रेस और जेडीएस की लीगल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ अदालत में भाजपा का पक्ष वर्तमान और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और मुकुल रोहतगी रख रहे हैं.

कांग्रेस और जेडीएस ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के घर पर तुरंत सुनवाई के लिए एक याचिका दायर की थी. इसके बाद जस्टिस मिश्रा ने इसकी सुनवाई के लिए रात के पौने दो बजे का वक्त नियत कर दिया. इस वक्त तीन जजों की एक बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है. बीएस येद्दियुरप्पा आज सुबह साढ़े नौ बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने वाले हैं. लेकिन अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अख्तियार करता है.

इससे पहले बुधवार शाम को भाजपा विधायक और प्रवक्ता सुरेश कुमार ने किसी भी आधिकारिक घोषणा से पहले एक ट्वीट किया था कि पार्टी नेता बीएस येदियुरप्पा गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. ऐसा ही ट्वीट कर्नाटक भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी किया गया था. हालांकि बाद में दोनों ही ट्वीट डिलीट कर दिये गए. इसके बाद पता चला कि राज्यपाल ने बीएस येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने का निमंत्रण देने के साथ-साथ उन्हें बहुमत सिद्ध करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है.

कर्नाटक में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा बहुमत के आंकड़े से आठ सीट पीछे है. उधर जेडीएस और कांग्रेस अपने साथ 117 विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहे हैं.