कर्नाटक में बीएस येद्दियुरप्पा के शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. रात भर चली मामले की दुर्लभ सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा कि अदालत येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक नहीं लगाएगी. यह शपथ ग्रहण आज होना है. शीर्ष अदालत ने कहा कि शपथ ग्रहण और सरकार बनाने की प्रक्रिया पर सुनवाई जारी रहेगी. उसने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे तय की है. तब तक शीर्ष अदालत ने भाजपा को समर्थन की वे चिट्ठियां पेश करने का आदेश दिया है जो बीएस येद्दियुरप्पा ने राज्यपाल को सौंपी हैं.

कर्नाटक में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा बहुमत के आंकड़े से आठ सीट पीछे है. उधर जेडीएस और कांग्रेस अपने साथ 117 विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहे हैं. बुधवार को राज्यपाल वजूभाई वाला ने कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था. उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. कांग्रेस इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. उसने इस कदम को संविधान का ‘एनकाउंटर’ करार देते हुए दलील दी थी कि बहुमत से पीछे रही भाजपा अब जोड़-तोड़ की राजनीति करने वाली है.

सुप्रीम कोर्ट में आधी रात सुनवाई का यह दूसरा मामला है. इससे पहले ऐसा 2015 में हुआ था जब शीर्ष अदालत ने याकूब मेनन की फांसी के खिलाफ याचिका की सुनवाई की थी. याकूब 1993 मुंबई बम धमाकों के मामले में दोषी था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी इस मसले पर कांग्रेस और जेडीएस की लीगल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. दूसरी तरफ अदालत में भाजपा का पक्ष वर्तमान और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और मुकुल रोहतगी रख रहे हैं.