कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर मचे घमासान की खबरों को आज के ज्यादातर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की रात भर सुनवाई चली. इसमें शीर्ष अदालत ने भाजपा नेता बीएस येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. राज्यपाल ने उन्हें पहले न्योता मिलने के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. कर्नाटक में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा बहुमत के आंकड़े से आठ सीट पीछे है. उधर जेडीएस और कांग्रेस अपने साथ 117 विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहे हैं.

उधर, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मांग मानते हुए केंद्र ने रमजान के महीने में सुरक्षाबलों को राज्य में अपने अभियान रोकने का निर्देश दिया है. हालांकि गृह मंत्रालय ने कहा कि कोई हमला होने पर सुरक्षाबलों को जवाबी कार्रवाई का अधिकार होगा. महबूबा मुफ्ती ने इस फैसले पर खुशी जताई है.

क्रिकेट की प्रगति में भारत सबसे बड़ी बाधा : आईसीसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्रिकेट की प्रगति में भारत को सबसे बड़ी बाधा बताया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक रणनीतिक मामलों पर काम करने वाले संस्था के समूह का कहना है कि भारत पर हद से ज्यादा निर्भरता खेल को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बनाने में उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो रही है. अपनी एक रिपोर्ट में उसने कहा है कि खेल के प्रशंसकों और इससे होने वाली कमाई का ज्यादातर हिस्सा भारत से आता है और इसलिए भारत क्रिकेट प्रशासन का चेहरा हो गया है. उसके मुताबिक संस्था की एक स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए अब एक विशेष अभियान शुरू किया गया है. इस मुद्दे पर आईसीसी गुरुवार को बीसीसीआई के पदाधिकारियों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष समिति से भी मुलाकात करने वाली है.

वाराणसी फ्लाइओवर हादसा : अफसरों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में फ्लाइओवर गिरने के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है. दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की गाजीपुर इकाई के अफसरों और कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. यही इकाई यह फ्लाइओवर बना रही थी. 15 मई को इसका एक हिस्सा गिरने से 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. आरोप लग रहे हैं कि निर्माण कार्य में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई. कहा यह भी जा रहा है कि काम में घटिया क्वालिटी की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था.

जस्टिस केएम जोसेफ पर फैसला फिर टला

सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की सिफारिश फिर से केंद्र को भेजने के मामले में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपना फैसला फिर टाल दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बुधवार को इस मामले पर कॉलेजियम की बैठक हुई थी. इसमें मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के पांचों वरिष्ठतम न्यायाधीश मौजूद थे. लेकिन उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ पर फैसला फिर टल गया. इससे पहले हुई ऐसी दो बैठकों में भी ऐसा ही हुआ था. इसी साल जनवरी में कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से जस्टिस केएम जोसेफ और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश कीथी. सरकार ने इंदु मल्होत्रा के नाम पर तो अपनी सहमति जता दी थी, लेकिन केएम जोसेफ के नाम पर शीर्ष अदालत से पुनर्विचार की अपील की थी. सरकार ने उनका नाम लौटाते हुए उनकी वरिष्ठता और सुप्रीम कोर्ट में केरल के पर्याप्त प्रतिनिधित्व का तर्क दिया था.