मलेशिया के सुधारवादी नेता माने जाने वाले अनवर इब्राहिम को शाही माफी दिए जाने के साथ जेल से उनकी रिहाई का अमेरिका ने स्वागत किया है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक इस फैसले पर अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता ने कहा है, ‘अनवर इब्राहिम पर लगे आरोपों के बाद उन्हें जेल भेजे जाने की घटना से मलेशिया में कानून और न्याय व्यवस्था को चोट पहुंची थी. लेकिन सरकार की तरफ से माफी दिए के बाद अब इब्राहिम एक बार फिर अपने परिवार के साथ हैं. हमें इस बात की बेहद खुशी है.’

इससे पहले बुधवार को 70 वर्षीय अनवर इब्राहिम की रिहाई हुई थी. महातिर मोम्मद के नेतृत्व में मलेशिया की नवनिर्वाचित सरकार के गठन के बाद से ही अनुमान लगाए जाने लगे थे कि इब्राहिम की सजा जल्दी ही माफ की जा सकती है. खबरों के मुताबिक उन्हें भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न के आरोप में पांच साल की सजा सुनाई गई थी. कहा जाता है कि उन्हें दी गई सजा राजनीति से प्रेरित थी. ऐसे में मलेशिया के चार विपक्षी दलों ने 92 साल के महातिर मोहम्मद की अगुवाई में एकजुट होकर सत्ता पर काबिज नजीब रजाक के खिलाफ चुनाव लड़ा था. चुनाव में इब्राहिम का दल भी महातिर मोहम्मद के साथ था.

उधर द टाइम्स आॅफ इंडिया ने यह भी लिखा है कि प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान नजीब रजाक पर लगे करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप की जांच शुरू हो गई है. इसी कड़ी में स्थानीय पुलिस ने बुधवार को उनके घर समेत कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी की. बताया गया है कि छापेमारी गुरुवार की सुबह तक चली. इस दौरान पुलिस ने कुछ थैलों और नजीब रजाक के निजी सामान को जब्त किया है.