कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा भाजपा को मौका दिए जाने के फैसले को देश के वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी ने असंवैधानिक कृत्य बताया है. उन्होंने कहा है कि राज्य मेें भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया जाना सीधे तौर पर राज्यपाल को हासिल शक्तियों का दुरुपयोग है. उन्होंने कर्नाटक केे राज्यपाल के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट मेंं याचिका भी दाखिल की है, जहां मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने उनसे कहा कि वे अपनी बात उस पीठ के सामने रखें जो कर्नाटक के मामले में सुनवाई कर रही है. जेडीएस और कांग्रेस की याचिका पर बुधवार की रात सुुुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह राज्यपाल के संविधान प्रदत्त अधिकार मेें दखल नहीं दे सकता.

इस मामले पर जेठमलानी ने यह भी कहा है कि येदियुरप्पा को सरकार बनाने का मौका देकर राज्यपाल नेे खुलेअाम भ्रष्टाचार को न्यौता दिया है. जेठमलानी ने आगे कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि राज्यपाल इस मामले में खुद पार्टी हैं या नहीं, लेकिन दूसरों को भ्रष्टाचार केे लिए बढ़ावा देना खुद एक तरह का भ्रष्टाचार है.’ जेठमलानी ने यह भी साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट मेंं वे निजी हैसियत से गए हैं और किसी पार्टी से इसका कोई संबंध नहीं है.

कल कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन केे बजाय बहुमत सेे कुछ दूर रही सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था और इसके बाद से उनका यह फैसला लगातार विवादों के घेरे में है.