उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात पर जहां दुनियाभर निगाहें टिकी हैं तो वहीं इस दौरान भारत के विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह के उत्तर कोरिया दौरे की खबर भी आई है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वीके सिंह 15-16 मई को उत्तर कोरिया की यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने वहां के विदेश मंत्री रि योंग हो समेत कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की. हालांकि वीके सिंह की किम जोंग उन से मुलाकात नहीं हुई है.

बताया जा रहा है कि भारत के विदेश राज्य मंत्री के इस दौरे पर दोनों देशों के बीच राजनीतिक, क्षेत्रीय, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. साथ ही दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर रज़ामंदी जताई है. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक वीके सिंह ने उत्तर कोरिया के परमाणु प्रसार के प्रति भारत की चिंताओं को भी वहां के नेताओं के सामने रखा. माना जाता है कि भारत को संदेह है कि उत्तर कोरिया के परमाणु प्रसार के तार कहीं न कहीं पाकिस्तान के साथ भी जुड़े हुए हैं. हालांकि कोरियाई नेताओं ने वीके सिंह को भरोसा दिलाया है कि उत्तर कोरिया अपने स्तर पर ऐसी किसी गतिविधि की अनुमति नहीं देगा जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं बढ़ती हों.

इससे पहले किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच हाल ही में हुई बैठक का भारत ने समर्थन किया था. इसके बाद किम जोंग-उन और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच प्रस्तावित बैठक का भी भारत ने स्वागत किया है.

भारत का हमेशा से मानना रहा है कि कोरियाई प्रायदीप में शांति स्थापना के लिए आपसी बातचीत और कूटनीतिक उपाय का रास्ता अपनाया जाना चाहिए. भारत के दक्षिण कोरिया के साथ-साथ उत्तर कोरिया से भी अच्छे संबंध रहे हैं. उत्तर कोरिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में चीन के बाद भारत का नाम आता है. अप्रैल, 2015 में वहां के विदेश मंत्री री सू योंग ने भारत का दौरा भी किया था. हालांकि भारत की तरफ से वीके सिंह से पहले आखिरी बार सितंबर 1998 में तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उत्तर कोरिया की यात्रा की थी. तब वे वहां छठें प्योंगयांग फिल्म समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे.