वाहन चलाते हुए फोन पर बात करना करना कोई अपराध नहीं है. गुरुवार को केरल हाई कोर्ट ने यह बात कही है. हाई कोर्ट ने कहा है कि ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल पर बात करना तब तक कोई अपराध नहीं है, जब तक यह साबित न किया जा सके कि एेसा करने से जनता की सुरक्षा को कोई खतरा था.

द न्यूज मिनट के मुताबिक पुलिस ने पिछले दिनों एर्नाकुलम के एजे संतोष केे खिलाफ केरल पुलिस एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक मामला दर्ज कराया था. इसके खिलाफ संतोष ने हाई कोर्ट में अपील की थी. इस अपील पर सुनवाई करतेे हुए हाई कोर्ट का कहना था कि मौजूदा कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि किसी व्यक्ति पर केवल इसलिए मामला दर्ज किया जाए कि वह फोन पर बात कर रहा था. हालांकि कोर्ट ने कहा कि ड्राइविंग के दौरान किसी के फोन पर बात करने से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होता है तो वह अपराध है. इसके लिए विधायिका को पुलिस एक्ट मेें संशोधन कर ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करनेे को दंडनीय कृत्य बनाना चाहिए.

इसके साथ अदालत ने यह भी कहा कि अगर पुलिस ने किसी व्यक्ति पर सिर्फ इस अाधार पर मामला दर्ज किया है कि वह वाहन चलाने के दौरान फोन पर बात कर रहा था तो आरोपित संबंधित मजिस्ट्रेट से अपना मामला खत्म करने की अपील कर सकता है.