कर्नाटक में राज्यपाल के फैसले से जो हालात बने हैं, उसमें क्रिकेट के आईपीएल की तरह इंडियन पॉलिटिकल लीग के लिए विधायकों की नीलामी होगी.’

— यशवंत सिन्हा, पूर्व भाजपा नेता

पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा का यह बयान कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा भाजपा को सरकार बनाने का मौका देने के फैसले को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘संविधान के तहत राज्यपाल से जिस बात की उम्मीद थी, उन्होंने उसके ठीक उलटा काम किया है.’ यशवंत सिन्हा ने आगे कहा कि भाजपा दूसरी पार्टियों से विधायकों को तोड़े बगैर बहुमत कैसे साबित कर पाएगी. इससे पहले ट्विटर पर उन्होंने लिखा था, ‘कर्नाटक में जो कुछ हो रहा है, यह अगले साल लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली में होने वाले घटनाक्रम का रिहर्सल है.’ पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव में बहुमत न मिलने पर भाजपा केंद्र में भी कर्नाटक का तरीका दोहरा सकती है.

‘कर्नाटक में भाजपा ने जो कुछ भी किया है, वह कानून के मुताबिक है.’

— प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का यह बयान कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का मौका देने को लोकतंत्र की हत्या बताने पर आया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को (कानून के बारे में) गलत जानकारी है, इसीलिए ऐसे मजाकिया दावे कर रही है.’ प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि कांग्रेस और जेडीएस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्हें बंधक बनाकर रखा है. वहीं, कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के धरने पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि अगर उन्हें धरना देना ही है तो राहुल, सोनिया और सिद्धारमैया के सामने देना चाहिए, जिन्होंने कांग्रेस को बर्बाद कर दिया है.


‘जब देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं है तो हत्या किसकी होगी.’

— संजय राउत, शिवसेना सांसद

सांसद संजय राउत का यह बयान कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की जगह भाजपा को सरकार बनाने का मौका देने पर आया. उन्होंने कहा, ‘वीएस येद्दियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है लेकिन उनके लिए बहुमत साबित कर पाना मुश्किल होगा.’ संजय राउत ने आगे कहा कि राज्यपाल को उसे सरकार बनाने का मौका देना चाहिए था, जिसके पास स्पष्ट संख्या थी. कर्नाटक विधानसभा की 222 सीटों में भाजपा को 104 सीटें मिली हैं. वहीं कांग्रेस को 78, जबकि जेडीएस व सहयोगी दलों को 38 सीटें मिली हैं. लेकिन मंगलवार को चुनाव के नतीजे आने के साथ कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी थी.


‘अगर हम (विपक्ष) एकजुट न हुए तो आज कर्नाटक में जो हुआ कल वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी हो सकता है.’

— तेजस्वी यादव, राजद नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री

राजद नेता तेजस्वी यादव का यह बयान कर्नाटक में राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का मौका देने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हम शुक्रवार को बिहार के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और कर्नाटक की तरह सबसे बड़ी पार्टी राजद को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग करेंगे.’ कर्नाटक में भाजपा के बहुमत साबित कर पाने पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इसके भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पास एक ही फार्मूला है - हॉर्स ट्रेडिंग या दूसरी पार्टी के विधायकों के पीछे सीबीआई और ईडी को लगाना. इस बीच मणिपुर और गोवा में कांग्रेस ने भी राज्यपालों से मुलाकात करने और बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें सरकार बनाने का मौका देने की मांग करने की बात कही है.


‘म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा रोके और प्रभावित इलाकों में मीडिया को जाने की इजाजत दे.’

— मार्क ग्रीन, यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) के प्रमुख

यूएसएड के प्रमुख मार्क ग्रीन का यह बयान बांग्लादेश में रोहिंग्या विस्थापितों के शिविरों का दौरा करने के बाद आया. यहां से म्यांमार जाने से पहले उन्होंने कहा, ‘मानवीय संकट वैश्विक चुनौती है और मेरी सरकार वैश्विक समुदाय के साथ बांग्लादेश की मदद करती रहेगी.’ मार्क ग्रीन ने आगे कहा कि बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका 4.4 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सहायता देगा. संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बीते साल अगस्त में सैन्य अभियान के बाद म्यांमार से सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था.