कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर ‘कर्नाटक-नाटक’ का वर्ड प्ले सोशल मीडिया पर कई दिनों से चल रहा था, लेकिन नतीजे आने से पहले तक शायद ही किसी को एहसास होगा कि यह चुनाव सच में ऐतिहासिक रूप से नाटकीय होने जा रहा है. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना और इसके खिलाफ कल रात में एक बजे कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की खबर पर फेसबुक और ट्विटर पर अब तक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. आशुतोष उज्ज्वल की फेसबुक पोस्ट है, ‘कर्नाटक की जनता कनफ्यूज है कि सरकार तो हमको चुननी थी, ये बीच में राज्यपाल और कोर्ट कहां से आ गए!’

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले पर रोक न लगाए जाने के बाद आज सुबह नौ बजे बीएस येद्दियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. सोशल मीडिया में भाजपा विरोधियों सहित अन्य लोगों ने भी इसे असंवैधानिक बताते हुए टिप्पणियां की हैं और ट्विटर पर UnconstitutionalCMYeddy ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है. साथ ही यहां लोगों ने राज्यपाल वजुभाई वाला को भी जमकर निशाने पर लिया है. प्रशांत कदम का तंजभरा ट्वीट है, ‘गंगाधर ही शक्तिमान है, वजूभाई वाला ही अमित शाह हैं.’ आशीष प्रदीप की फेसबुक पोस्ट है, ‘अब बढ़िया है. कर्नाटक में राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों भाजपा के हो गए!’

कर्नाटक में भाजपा के पास बहुमत नहीं है, और दूसरी तरफ कांग्रेस-जेडीएस के कुल विधायकों का आंकड़ा बहुमत को पार कर रहा है. इस आधार पर सोशल मीडिया में सीधे-सीधे आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त करेगी या फिर बहुमत साबित करने के लिए करीब 15 विधायकों को सदन से अनुपस्थित करवाएगी. इसी हवाले से यहां कई लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है और उन पर सवाल उठाए हैं. इस पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का एक दिलचस्प ट्वीट है, ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय – एकात्म मानववाद. फकीर नरेंद्र मोदी – एकात्म कुर्सीवाद.’

सोशल मीडिया में कर्नाटक की राजनीति में जारी इस नाटकीय घटनाक्रम पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

मस्तान | @Maastaan49

सालों पहले वजुभाई वाला ने मोदी जी के लिए अपनी सीट का बलिदान दिया था. कल उन्होंने मोदी जी के लिए लोकतंत्र और संविधान का भी बलिदान दे दिया.

हिस्टरी ऑफ इंडिया | @RealHistoryPic

‘शीशी भरी गुलाब की पत्थर से तोड़ दूं.
104 को 111 बनाना हो तो करप्शन से भी नाता जोड़ लूं’ – रूमी (2018)

मंजुल | @MANJULtoons

लोग पूछ रहे हैं कि भाजपा कर्नाटक में सरेआम सीनाजोरी कर रही है और जनता विरोध तक नहीं कर रही. बात में दम है. जनता ही ये सब रोक सकती है. पर वो क्या करे! कांग्रेस ने पिछले कई दशकों से ये हथकंडे इतनी बार अपनाए हैं कि जनता को ये सब अब सामान्य लगने लगा है.

रोफल गांधी | @RoflGandhi_

104 (कर्नाटक में भाजपा विधायक) मन की बात से आए हैं और आठ (बहुमत के लिए जरूरी विधायक) धन की बात से आएंगे.

पन्स्टर | @Pun_Starr

जरूरी नहीं है कि भाजपा आठ विधायकों को खरीदे ही. वो अगर कांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायकों को ‘संदिग्ध परिस्थितियों में गायब’ करवा देती है तो भी बहुमत हासिल कर लेगी.