ट्रेनें समय पर चलें, न चलें. रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं बेहतर हों या न हों. लेकिन रेल यात्रियों की जेब ढीली करने की तैयारी कर ली गई है. सूत्रों के हवाले से आई ख़बरों में बताया गया है कि जल्दी ही रेल यात्रियों से भी विकास शुल्क वसूला जा सकता है. ठीक वैसे ही जिस तरह हवाई यात्रियों से हवाई अड्‌डों पर मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं के नाम पर लिया जाता है.

लाइव मिंट से बातचीत में रेल मंत्रालय ने दो वरिष्ठ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि वातानुकूलित (एयरकंडीशंड) और चेयर कार के यात्रियों के टिकट में विकास शुल्क के नाम पर 10 रुपए अतिरिक्त जोड़े जा सकते हैं. एक अधिकारी कहते हैं, ‘इस तरह जमा होने वाली रकम से रेलवे स्टेशनों पर हवाई अड्‌डों की तरह विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने में मदद मिलेगी. वैसे भी स्टेशनों पर हम लगातार सौंदर्यीकरण और एस्केलेटर जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने की लगातार कोशिश कर ही रहे हैं. इसके लिए पैसों की ज़रूरत है.’

दूसरे अधिकारी का कहना है, ‘जो सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं उन पर अभी प्रति यात्री 500 रुपए का ख़र्च आ रहा है. ऐसे में अगर वातानुकूलित कोचाें के यात्रियों से विकास शुल्क के नाम पर 10 रुपए अतिरिक्त लिए जाते हैं तो यह उन पर कोई ज़्यादा बोझ डालने वाला नहीं कहा जा सकता. अलबत्ता इससे रेलवे को ज़रूर कुछ वित्तीय मदद मिल जाएगी. हालांकि इस पर अभी विचार ही किया जा रहा है. कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है.’ इस बाबत पूछे जाने पर रेल मंत्रालय ने भी अख़बार को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने घोषणा की थी कि वह देश के 400 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करेगी. बाद में ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 600 कर दी गई. इस परियोजना पर एक लाख करोड़ रुपए ख़र्च होने की संभावना है. इससे स्टेशनों पर लिफ़्ट, एस्केलेटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि बनाए जाएंगे. साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण की व्यवस्था भी बेहतर होगी.