कर्नाटक का राजनीतिक घमासान दिलचस्प होता जा रहा है. खबर है कि कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को बस के जरिये हैदराबाद भेज दिया है. खबरों के मुताबिक पहले विधायकों को चार्टर विमानों से ले जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर इन्हें उड़ान की इजाजत नहीं दी गई. कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) ने अनौपचारिक तरीके से हवाई अड्डे के अधिकारियों से इन विमानों को उड़ान की मंजूरी न देने को कहा था.

अखबार के मुताबिक एक विधायक ने बताया, ‘भाजपा ने चालाकी से अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर हमें राज्य में कैद कर दिया है. कोई नहीं बता रहा है कि हमारे हवाई जहाजों को उड़ान की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही.’ उधर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आरोप से इनकार किया है. उन्होंने कहा, ‘भारत में चार्टर प्लेनों की उड़ानों के लिए डीजीसीए की अनुमति की जरूरत नहीं होती. यह कहना कि विमानन अधिकारियों ने उड़ान की इजाजत नहीं दी सही नहीं है.’

उधर, विधायकों को कर्नाटक से बाहर ले जाए जाने पर कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा अधिकारियों ने उस रिजॉर्ट की सुरक्षा हटा ली थी जहां पार्टी के विधायकों को ठहराया गया था. बेंगलुरु से 30 किलोमीटर दूर ईगलटन नाम के इस रिजॉर्ट में कांग्रेस विधायक बुधवार से रुके हुए थे. इस बीच मीडिया में हैदराबाद स्थित ताज कृष्णा होटल की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं. रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को इसी होटल में ठहराया गया है. उनके साथ तेलंगाना के कांग्रेस अध्यक्ष उत्तर कुमार रेड्डी भी देखे जा सकते हैं. बताया यह भी जा रहा है कि कोच्चि के एक होटल में कांग्रेस विधायकों के लिए कमरे बुक किए गए हैं.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. इस समय कोर्ट में भाजपा की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी मौजूद हैं. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील पी चिदंबरम भी पहुंचे हुए हैं. कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा भाजपा को मौका दिए जाने के फैसले को राम जेठमलानी ने असंवैधानिक कृत्य बताया था.