प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सोमवार को रूस की एक दिवसीय अनौपचारिक यात्रा पर रहेंगे. रूस के सोची शहर में उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी. द टाइम्स आॅफ इंडिया ने लिखा है कि इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. पहले कहा जा रहा था कि इस बैठक में दोनोंं नेताओं के बीच वैश्विक और सामरिक मुद्दों पर बातचीत होगी और द्विपक्षीय मुद्दों को इस बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है. इस बैठक के बाद नरेंद्र मोदी सोमवार को ही स्वदेश लौट आएंगे.

अखबार ने आगे लिखा है कि भारतीय प्रधानमंत्री इन दिनों ऐसे कूटनीतिक रिश्ते बनाने पर जोर दे रहे हैं जिसमें न तो औपचारिक माहौल की जरूरत पड़ती है और न ही कोई प्रोटोकॉल होता है. दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच अनौपचारिक मुलाकात में आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत की जाती है.

माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के अलावा रूस और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी, अफगानिस्तान में तालिबान के प्रति रूस का रुख और असैन्य क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल जैसे कई मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. इससे पहले बीते महीने नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वुहान में अनौपचारिक मुलाकात की थी.

अखबार के मुताबिक अनौपचारिक मुलाकात और बातचीत के इस क्रम में बुधवार को नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ भी फोन पर लंबी बातचीत की थी. इस बातचीत में उन्होंने शिंजो अबे को वुहान सम्मेलन के बारे में जानकारी दी. इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच कोरियाई प्रायदीप की ताजा स्थिति के अलावा उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने होने वाली शिखर वार्ता पर भी बातचीत हुई.

इसी दौरान भारत सरकार के एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल और व्लादीमिर पुतिन के बीच भी इसी हफ्ते एक बैठक हो रही है. इससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में शीर्ष नेताओं की ऐसी अनौपचारिक मुलाकातें कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का आदर्श विकल्प बन सकती हैं.