बसपा प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में उभरी राजनीतिक परिस्थितियों से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को सबक लेने की सलाह दी है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गुरुवार को उन्होंने कहा कि कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को कमजोर नहीं करना चाहिए. बसपा प्रमुख मायावती ने यह भी कहा, ‘चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस को अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए ऐसी भाषा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए, जिससे भाजपा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को कोई फायदा हो.’

कर्नाटक में दूसरे नंबर की पार्टी रहने के बाद कांग्रेस ने जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है. लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उसे भाजपा की बी-टीम बताया था. इसी का जिक्र करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, ‘अब साफ हो गया है कि उन्होंने (राहुल गांधी) ने जेडीएस को भाजपा की बी-टीम बताया, खास तौर पर मुस्लिम बहुल इलाकों में, जो वोटों के बंटवारे की वजह बना. इसी वजह से इन इलाकों में ज्यादातर भाजपा उम्मीदवार जीत गए.’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अगर ऐसी बयानबाजियां न की होती तो भाजपा के लिए 104 सीटों तक पहुंच पाना मुश्किल होता.

वहीं, भाजपा पर निशाना साधते बसपा प्रमुख ने उस पर कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा, ‘जब से केंद्र में भाजपानीत एनडीए की सरकार बनी है, तब से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और संवैधानिक मूल्यों पर हमला कर रही है.’ बसपा प्रमुख मायावती के मुताबिक कर्नाटक में बीएस येद्दियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला डॉ बीआर अंबेडकर के बनाए संविधान को बर्बाद करने की साजिश है. उनके मुताबिक राज्यपाल के पद का दुरुपयोग भारतीय राजनीति में नया नहीं है, लेकिन यह राज्यपाल के पद की गरिमा और लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.