देश की राजनीति में उथल-पुथल मचा रहे ‘ललित मोदी- सुषमा स्वराज प्रकरण’ में अब पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम भी कूद पड़े हैं. उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार यूपीए के कार्यकाल के दौरान ललित मोदी के संबंध में ब्रिटेन को लिखे गए सभी पत्रों को सार्वजनिक करे. चिदंबरम का कहना है कि इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. पूर्व वित्त मंत्री की यह प्रतिक्रिया ललित मोदी द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के बाद सामने आई है. एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व आईपीएल कमिश्नर मोदी ने कहा था कि यूपीए सरकार और चिंदबरम उन्हें राजनीतिक बदले की भावना के तहत फंसाना चाहते थे. ट्विटर पर अपनी टिप्पणियों में चिदंबरम ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में ब्रिटिश चांसलर को लिखे पत्र सार्वजनिक करने चाहिए. इनसे ललित मोदी द्वारा यूपीए पर लगाए गए आरोपों का पूरा जवाब मिल जाएगा.
भाजपा का आरोप है कि यूपीए के कार्यकाल में ललित मोदी को भारत लाने की कोशिश नहीं हुई.
चिदंबरम की इस प्रतिक्रिया को भाजपा नेताओं के उन आरोपों का जवाब भी माना जा रहा है जिनके मुताबिक यूपीए सरकार के कार्यकाल  में ललित मोदी को भारत वापस लाने की कोशिश नहीं की गई थी. चिदंबरम ने कहा कि यूपीए सरकार हर हाल में ललित मोदी को भारत वापस लाना चाहती थी और उन्होंने खुद 2013 में ब्रिटिश सरकार से पूछा था कि वह ललित मोदी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही. चिंदबरम ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मसले पर उनकी चुप्पी से साफ हो गया है कि इन नेताओं (सुषमा, वसुंधरा) को उनका समर्थन मिला हुआ है.
केजरीवाल समेत 21 विधायकों पर चार्जशीट की तैयारी
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के चलते पहले ही बैकफुट पर चल रही दिल्ली सरकार की मुश्किलें अगले कुछ दिनों में और बढ सकती हैं. खबर है कि दिल्ली पुलिस आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है. इन विधायकों में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम भी शामिल है . बताया जा रहा है कि इन विधायकों पर धोखाधड़ी, चोरी, मारपीट, जान से मारने की धमकी, भड़काऊ  भाषण देने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों के तहत दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं. इनमें से अधिकतर अपराधों के लिए सात साल से ज्यादा कैद की सजा का प्रावधान है. ऐसे में दिल्ली पुलिस के इस कदम से आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती है.
उधर, आम आदमी पार्टी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए इसे ललित मोदी प्रकरण से लोगों का ध्यान हटाने की कवायद बताया है. पार्टी नेता आशुतोष का कहना है कि ललित मोदी मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का नाम आने से केंद्र सरकार की जो किरकिरी हो रही है, उससे लोगों का ध्यान हटाने के लिए आप विधायकों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की बात कही जा रही है.  दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस अपने पास आई सभी शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करने के क्रम में ही बाकी मामलों की तरह इन मामलों को भी देख रही है.
मदर डेयरी ने अपने दूध को सुरक्षित बताया
राजधानी दिल्ली समेत देश के कई अन्य राज्यों में दूध बेचने वाली कंपनी मदर डेयरी ने अपने दूध को पूरी तरह सुरक्षित बताया है. कंपनी के अधिकारियों ने दूध में किसी भी तरह की अशुद्धि होने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि अपभोक्ताओं तक मदर डेयरी का दूध पहुंचाने से पहले उसकी शुद्धता की अच्छी तरह से जांच की जाती है. मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक एस नागराजन ने कहा कि दूध के जिन नमूनों का हवाला देकर मदर डेयरी पर आरोप लगाए जा रहे हैं वे नमूने मदर डेयरी के नहीं बल्कि गांवों के स्तर पर इकट्ठा किए गए खुले दूध के थे. दरअसल उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं दवा प्रशासन विभाग ने आगरा स्थित मदर डेयरी के एक दूध संग्रह केंद्र से पिछले साल नवंबर में दूध के नमूने लिए थे. इसके बाद विभाग ने बीते सोमवार को कहा था कि उसे इन नमूनों में डिटर्जेंट मिला है.
खाद्य एवं दवा प्रशासन विभाग ने अपनी जांच के आधार पर मदर डेयरी के दूध में तमाम और भी गड़बड़ियां होने की बात कहते हुए उसे नोटिस भी जारी कर दिया है. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों के अंदर मदर डेयरी के दूध की बिक्री पर रोक भी लगाई जा सकती है. मदर डेयरी का कारोबार आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश दिल्ली पंजाब और हिमाचल जैसे राज्यों तक फैला हुआ है. यह रोज 45 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करती है.