कर्नाटक विधानसभा में भाजपा सरकार के बहुमत परीक्षण से पहले घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया की नियुक्ति को बरकरार रखा है. शीर्ष अदालत ने बहुमत परीक्षण के दौरान सदन की कार्यवाही को सभी चैनलोंं पर लाइव दिखाने को भी कहा है.

राज्यपाल द्वारा भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. उसका कहना था कि परंपरा के अनुसार सबसे वरिष्ठ विधायक को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाता है. पार्टी ने तर्क दिया कि बोपैया से वरिष्ठ कई विधायक सदन में हैं और 2010 में येदियुरप्पा सरकार बचाने को लेकर बोपैया विवादित भी रहे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर प्रोटेम स्पीकर के मामले पर विचार किया जाएगा तो शनिवार शाम चार बजे तक बहुमत का परीक्षण नहीं हो सकेगा. अदालत का कहना था कि इसलिए बोपैया प्रोटेम स्पीकर बने रहेंगे, लेकिन सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होगा.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भाजपा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को शनिवार चार बजे तक अपना बहुमत सिद्ध करना है. राज्यपाल ने भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-जेडीएस की आपत्ति पर यह अवधि घटा दी. कांग्रेस-जेडीएस और भाजपा विधायक विधानसभा पहुंच चुके हैं. अब सबकी नजर शाम चार बजे पर है.

कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को 104 सीटें मिली हैं जो बहुमत के आंकड़े से आठ कम हैं. उधर, चुनाव अलग-अलग लड़े कांग्रेस और जेडीएस ने नतीजों के बाद हाथ मिलाते हुए सरकार बनाने का दावा किया था. उनके पास क्रमश: 78 और 37 सीटें हैं. हालांकि राज्यपाल वजूभाई वाला ने बीएस येद्दियुरप्पा को पहले सरकार बनाने का न्योता दिया था.