साल भर पहले की बात है. रामनाथ कोविंद उस वक़्त बिहार के राज्यपाल थे. परिवार के साथ छुट्टियां मनाने वे हिमाचल प्रदेश गए थे. वहां उन्होंने राजधानी शिमला से क़रीब 14 किलोमीटर दूर स्थित एक ऐतिहासिक इमारत को भी भीतर से देखने की इच्छा ज़ताई. लेकिन इस इमारत में तैनात स्टाफ़ ने उन्हें वहां अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी क्योंकि उनके पास इसकी पूर्व अनुमति नहीं थी. लेकिन अब रामनाथ कोविंद इसी इमारत में बतौर राष्ट्रपति तीन दिन बिताने वाले हैं.

इस इमारत का नाम है मशोबरा रिट्रीट. राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के मुताबिक इस इमारत का अधिग्रहण ब्रिटिश भारत के तत्कालीन वायसराय ने 1895 में किया था. तभी से यह राष्ट्रपति भवन के मालिकाना हक़ वाली संपत्तियों का हिस्सा है. वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य ने इस रिट्रीट को शिमला में पर्यटन का एक आकर्षण बना दिया है. यह इमारत लगभग 10, 628 वर्ग फीट में बनी है और राष्ट्रपति हर साल कम से कम एक बार आकर यहां कुछ वक़्त ज़रूर बिताते हैं. इस दौरान उनका पूरा कार्यालय भी यहीं आ जाता है.

इस बार रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति की हैसियत से सोमवार को मशोबरा रिट्रीट पहुंच रहे हैं. तीन दिन के लिए. और वही स्टाफ जिसने कभी उन्हें भीतर नही आने दिया था, इस बार उनकी अगवानी करेगा. अपने प्रवास के दौरान रामनाथ कोविंद डॉक्टर यशवंत सिंह परमार यूनिवर्सिटी के नौवें दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी रहेंगे जो सालभर पहले भी कोविंद के मेज़बान बने थे. इनके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी समारोह में उपस्थित रहेंगे.