क्रिकैटर सचिन तेंदुलकर जिस शारदाश्रम विद्यामंदिर में पढ़े हैं उसे ‘अवैध’ घोषित किया जा सकता है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएसमसी) की शिक्षा समिति ने यह फैसला किया है.

द एशिएन एज़ के मुताबिक स्कूल फिलहाल राज्य शिक्षा बोर्ड के तहत आता है. लेकिन स्कूल प्रशासन अब इस संस्था को आईसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन) के तहत ले जा रहा है. इसीलिए बीएमसी की शिक्षा समिति ने यह फ़ैसला किया है. पिछले महीने ही स्कूल प्रशासन ने बच्चों के अभिभावकों को सूचना दी थी कि वह राज्य बोर्ड के तहत आने वाली अपनी 60 साल पुरानी संस्था बंद कर रहा है. इसलिए अपने बच्चों का दाख़िला उसके आईसीएसई बोर्ड वाले स्कूल में करा लें.

बताया जाता है कि अभिभावक स्कूल के फ़ैसले से खुश नहीं हैं. उन्होंने स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया था. साथ ही स्कूल प्रशासन से अपना फ़ैसला रद्द करने की मांग की थी. इसके बावज़ूद स्कूल प्रशासन ने नई खुली आईसीएसई संस्था में 10 मई से दाख़िले शुरू कर दिए. इस बाबत बीएमसी की शिक्षा समिति के अध्यक्ष मंगेश सातमकर ने अख़बार को बताया, ‘क़रीब 300-400 अभिभावक स्कूल प्रशासन के फैसले का विरोध कर रहे हैं. ऐसे वह अपने फैसले पर आगे कैसे बढ़ सकता है.’

वे बताते हैं, ‘हमने स्कूल प्रशासन को इस तब्दीली की इजाज़त नहीं दी है. इसीलिए अगर वह अपने फ़ैसले पर क़ायम रहता है तो उसे अवैध घोषित किया जा सकता है.’ जबकि स्कूल के प्रशासकीय अधिकारी सुभाष जाधव कहते हैं, ‘हम अभी पहली कक्षा से पांचवी तक के हिस्से को आईसीएसई बोर्ड स्कूल में तब्दील कर रहे हैं. इससे ऊपर पांचवीं से 10वीं तक का हिस्सा को अब भी राज्य बोर्ड के तहत ही है. रही इजाज़त की बात तो वह हमें राज्य के शिक्षा विभाग से मिल चुकी है.’