प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लेह में जोजिला सुरंग की आधारशिला रखी. खबरों के मुताबिक करीब 14 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के निर्माण पर लगभग 6808 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग होगी जबकि दोहरी दिशाओं के लिहाज से यह एशिया की सबसे लंबी सुरंग बनेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘जोजिला परियोजना को पूरा करने में पांच साल का वक्त लगेगा लेकिन, संबंधित विभागों से मैंने निर्माण में लगने वाले के वक्त को कम करने की अपील की है.’ बताया जाता है कि इस सुरंग के बनने से कश्मीर के साथ लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्र पूरे साल सड़क के जरिये आपस में जुड़े रह सकेंगे. मौजूदा समय में भारी बर्फबारी की वजह से इन क्षेत्रों के साथ श्रीनगर सड़क संपर्क टूट जाता है.

बताया जाता है कि मौजूदा समय में जोजिला दर्रे को पार करने में साढ़े तीन घंटे का वक्त लगता है लेकिन, सुरंग बनने के बाद यह दूरी महज 15 मिनट में तय हो सकेगी. ऐसे में सामाजिक और आर्थिक लिहाज से इस परियोजना की विशेष अ​ह​मियत मानी जा रही है. इसके अलावा इस परियोजना का अपना सामरिक महत्व भी है. इसके तैयार होने से देश की चीन और पाकिस्तान से लगती सीमा तक सैनिकों को सड़क मार्ग के जरिये आसानी से पहुंचाया जा सकेगा.

इस परियोजना के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला की सौवीं जयंती के समापन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया. इस दौरान जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उनके साथ थे.

इसके अलावा नरेंद्र मोदी ने श्रीनगर में एक रिंग रोड परियोजना की भी आधारशिला रखी. इसके बाद उन्होंने 330 मेगावॉट की किशनगंगा पन बिजली परियोजना का भी लोकार्पण किया. उन्होंने कहा, ‘अब तक जम्मू-कश्मीर को बिजली के लिए दूसरे राज्यों पर आश्रित रहना पड़ता था. लेकिन इस परियोजना के बनने से इसे मुफ्त बिजली मिल सकेगी. 330 मेगावॉट की इस परियोजना से यहां के लोगों के घरों में उजाला होगा.’

बताया जाता है कि एक दिन की इस यात्रा में प्रधानमंत्री ने राज्य को 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं भेंट की हैं. इनमें से कई योजनाओं का लोकार्पण किया गया है जबकि कुछ की आधारशिला रखी गई है. प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई है कि इन परियोजनाओं से यहां के लोगों के सामाजिक जीवन में सुधार के साथ-साथ इलाके में आर्थिक समृद्धि भी आएगी.