दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व राजनयिक माधुरी गुप्ता को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत से जुड़ी गुप्त जानकारियां देने के मामले में तीन साल की सजा सुनाई है. इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था. माधुरी गुप्ता पर 2010 में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनाती के दौरान आईएसआई को खुफिया जानकारी मुहैया कराने का आरोप था. खबर के मुताबिक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धाराओं के तहत माधुरी को दोषी माना है.

क्या था मामला

साल 2010 में माधुरी गुप्ता इस्‍लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में द्वितीय सचिव (प्रेस एंड इन्फॉर्मेशन) के पद पर तैनात थीं. उस दौरान उन्होंने पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत से जुड़ीं कई महत्‍वपूर्ण खुफिया जानकारियां दी थीं. आरोप के मुताबिक माधुरी गुप्‍ता आईएसआई के दो अधिकारियों मुबशर राजा राणा और जमशेद के साथ लगातार संपर्क में थीं और उनसे जानकारियां साझा करती थीं. मामला सामने आने के बाद उन्हें भारत बुलवाया गया और फिर दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने 22 अप्रैल, 2010 को उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद उन्‍हें तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था.