‘कर्नाटक में जेडीएस के साथ अनैतिक गठबंधन कांग्रेस के भ्रष्टाचार का उदाहरण है.’

— राम माधव, भाजपा नेता

भाजपा नेता राम माधव का यह बयान कांग्रेस को देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का पूरा इतिहास भ्रष्टाचार से भरा है. लेकिन बीते चार साल में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा है.’ कर्नाटक में सरकार बनाने की कोशिशों पर राम माधव ने कहा, ‘सबसे बड़ी पार्टी का सरकार बनाने का मौका देना लोकतांत्रिक व्यवहार है. यह मौका हमारा अधिकार था. हमने कोई गलती नहीं की.’ उन्होंने आगे कहा कि हम जरूरी संख्या नहीं जुटा पाए, यह दूसरा मुद्दा है. कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी रही है.

‘कांग्रेस का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर करना है, कर्नाटक में जेडीएस के साथ गठबंधन इसकी शुरुआत है.’

— एके एंटोनी, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री

कांग्रेस नेता एके एंटोनी का यह बयान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 27वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में आया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाएगी. एके एंटोनी ने आगे कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर कांग्रेस-जेडीएस के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक कर्नाटक में विपक्षी विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए छह केंद्रीय मंत्री तैनात थे.


‘जिस दिन आरक्षण खत्म होगा, हम (वंचित तबका) अपना अधिकार खो देंगे.’

— सावित्री बाई फुले, भाजपा सांसद

भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले का यह बयान अपरोक्ष रूप से केंद्र और राज्य सरकार पर आरक्षण खत्म करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘संविधान में बाबा साहेब (बीआर अंबेडकर) एससी, एसटी और ओबीसी को लिए जो प्रावधान किए थे, आज उन्हें खत्म किया जा रहा है.’ सांसद सावित्री बाई फुले ने आगे कहा कि संविधान को सही से लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि हकीकत यह है कि उसके साथ मजाक किया जा रहा है. उन्होंने आरक्षण को बचाने के लिए सभी वंचित जातियों से एकजुट होने की भी अपील की. भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने पदोन्नति, न्यायपालिका और रक्षा सेवा में आरक्षण लागू करने की भी मांग की.


‘जम्मू-कश्मीर के लोगों की परेशानियां दूर करने के लिए मुख्यधारा के दलों और अलगाववादियों को साथ आना होगा.’

— फारुख अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष

सांसद फारुख अब्दुल्ला का यह बयान कश्मीर में जारी अशांति पर चिंता जताते हुए आया. मौजूदा माहौल को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं समझता कि कोई (एक दल या अलगाववादी) आज प्रासंगिक रह गया है, क्योंकि बच्चे तो अपने ही हैं. मैं नहीं मानता कि कोई उन्हें नियंत्रित करता है या उनका मालिक है.’ हिंसक गतिविधियों में युवाओं के शामिल होने पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा, ‘यह उनकी पढ़ाई-लिखाई को प्रभावित कर रहा है, इसने रोजमर्रा की जिंदगी को दयनीय बना दिया है. आज केवल पर्यटन ही है, जिसे हमें भविष्य के लिए बचाना होगा.’ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक पर्यटन कश्मीर की जीवनरेखा है, लेकिन यहां जारी टकराव इसे खत्म कर रहा है.


‘नेपाल में तानाशाही शासन की आशंका करने की जरूरत नहीं है.’

— विद्या देवी भंडारी, नेपाल की राष्ट्रपति

नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी का यह बयान वाम बहुमत वाली नई सरकार को संवैधानिक मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध बताते हुए आया. 2018-19 के लिए सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को पेश करते हुए उन्होंने कहा, ‘नेपाल सरकार पड़ोसी देशों को लेकर एक अच्छी नीति लागू करेगी और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए भी नियम बनाएगी.’ विद्या देवी भंडारी ने आगे कहा कि नेपाली सरकार देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए काम करेगी. नेपाल की राष्ट्रपति के मुताबिक केंद्रीय सरकार अगले 10 साल में नेपाल को मध्यम आय वाला देश बना देगी.