गृह मंत्रालय मंगलवार को किशनगंगा पनबिजली परियोजना की सुरक्षा की समीक्षा करेगा. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में बीते कुछ समय के दौरान घुसपैठ की वारदातों में बढ़ोतरी देखी गई है. ऐसे में देश की कई सुरक्षा एजेंसियों ने इस परियोजना पर आतंकवादी हमले की आशंका जताई है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा है कि घुसपैठ की वारदातों और खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है.

330 मेगावॉट क्षमता वाली किशनगंगा परियोजना का उद्घाटन बीते हफ्ते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. यह परियोजना नियंत्रण रेखा से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है. जहां यह परियोजना स्थित है वह इलाका साल भर में छह महीनों के लिए राज्य के बाकी हिस्सों से कटा रहता है. फिलहाल इसकी सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर रहा है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के शब्दों में ‘इस परियोजना की सुरक्षा समीक्षा में यहां सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर पहलुओं पर विचार किया जाएगा.’ इसी अधिकारी ने आगे कहा कि सीआईएसएफ आतंकवादियों से मुकाबला करने में दक्ष नहीं है और इस तरह के किसी हमले की सूरत में इसे सेना की सहायता लेनी पड़ती है.