गुजरात के राजकोट में एक दलित की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस शिकायत के मुताबिक एक फैक्ट्री के मालिक के आदेश पर मुकेश वानिया और उसकी पत्नी की पिटाई की गई थी. बताया जा रहा है कि मुकेश और उनकी पत्नी कूड़ा उठाने का काम करते थे. रविवार को वे फैक्ट्री की रद्दी इकट्ठा करने के लिए चुंबक का इस्तेमाल कर रहे थे. इसी दौरान फैक्ट्री के लोगों ने उन पर चोरी का आरोप लगाकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया. मुकेश की पत्नी किसी तरह निकल कर पास के अपने गांव में मदद मांगने गईं. जब वे लौटीं तो उन्होंने मुकेश को जमीन पर पड़ा पाया. बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने अपने ट्विटर हैंडल से इस घटना का वीडियो शेयर किया था. इसके बाद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

उधर, कुछ अन्य रिपोर्टों के मुताबिक मुकेश की पत्नी ने बताया कि फैक्ट्री के लोगों ने दंपत्ति की जाति पूछी थी. जब उन्होंने बताया कि वे दलित समाज से हैं तो आरोपितों ने उनसे वहां मौजूद कूड़ा उठाने को कहा. पीड़िता के मुताबिक उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद दोनों पर हमला कर दिया गया. यह मामला 2016 में गुजरात में ही हुए उना कांड की याद दिलाता है. तब एक मरी गाय की खाल उतार रहे चार दलितों को कुछ गुंडों ने खुलेआम अर्धनग्न कर बुरी तरह पीटा था.

इस वीडियो के वायरल होने के बाद फैक्ट्री के मालिक समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. राजकोट की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्रुति मेहता ने बताया, ‘हमने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें फैक्ट्री का मालिक भी शामिल है.’