दिल्ली में कैथोलिक समुदाय के आर्चबिशप अनिल काउटो के एक पत्र पर जारी विवाद बढ़ता जा रहा है. अनिल काउटो ने यह पत्र दिल्ली के सभी चर्चों के लिए जारी किया है. इसमें कहा गया है कि भारत में धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र खतरे में हैं. इसमें यह भी लिखा है कि कैथोलिक समुदाय अगले साल के आम चुनावों में आध्यात्मिक बदलाव के लिए प्रार्थना करे और उपवास रखे.

इस खबर के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत में अल्पसंख्यकों को कोई खतरा नहीं है. एक बयान में उनका यह भी कहना था कि किसी को भी जाति और धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव की इजाजत नहीं है. उधर, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी यह बात दोहराई है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म और जाति की बाधाओं को तोड़ रहे हैं.

आर्चबिशप की इस चिट्ठी की आलोचना भी हो रही है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक राकेश सिन्हा का कहना है कि यह भारत की धर्मनिरपेक्षता और उसके लोकतंत्र पर चर्च का सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार आई है तब से चर्चों और उनसे जुड़े एनजीओ को धर्मांतरण के लिए मिलने वाले पैसे पर नकेल कस गई है.