केरल में निपाह वायरस के संक्रमण से 10 लोगों की मौत के एक दिन बाद हालात कुछ काबू में आते नजर आ रहे हैं. डेक्कन क्रॉनिकल ने राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा के हवाले से लिखा है, ‘अब तक 18 रोगियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. इनमें से 12 को निपाह वायरस से पीड़ित पाया गया है. ऐसे रोगियों में से 10 की पहले ही मौत हो चुकी है जबकि दो अन्य की स्थिति नाजुक है.’ उन्होंने आगे कहा कि अच्छी बात यह है कि बीते 24 घंटों के दौरान इस वायरस के संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है.

बताया जाता है कि इस खतरनाक वायरस की चपेट में मनुष्य के साथ पशु भी आ सकते हैं. यह वायरस चमगादड़ों की वजह से फैलता है. इस वायरस से बचाव के लिए अब तक कोई वैक्सीन ईजाद नहीं हो पाई है. साथ ही इस बारे फिलहाल बहुत ज्यादा शोध भी नहीं किया गया है. इससे बचने के लिए साफ-सफाई के साथ मास्क पहनने की सलाह दी जाती है.

उधर समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा है कि निपाह वायरस के रोगियों की देखभाल के लिए राज्य के अधिकांश अस्पतालों में व्यवस्था कर ली गई है. ऐसे रोगियों के इलाज के लिए अस्पतालों में एक अलग वॉर्ड भी बनाया जा रहा है. इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. निपाह वायरस को लेकर केंद्र भी राज्य के स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है.