महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 11 के फाइनल में पहुँच गई है. मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए पहले क्वालीफायर मुकाबले में उसने सनराइजर्स हैदराबाद को दो विकेट से मात दे दी. बेहद उतार-चढ़ाव वाले इस मुकाबले में चेन्नई की टीम ने हैदराबाद द्वारा दिए गए 139 रनों के लक्ष्य को आठ विकेट खोकर 19.1 ओवर में हासिल कर लिया.

इससे पहले इस मैच में चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर हैदराबाद को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया. हैदराबाद की शुरुआत काफी खराब रही. चेन्नई के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने मैच की पहली ही गेंद पर शिखर धवन को क्लीन बोल्ड कर दिया. हालांकि, इसके बाद कप्तान केन विलियम्सन ने श्रीवत्स गोस्वामी के साथ दूसरे विकेट के लिए 34 रन जोड़े. लेकिन, तीसरे और चौथे ओवर में चेन्नई के गेंदबाजों ने तीन गेंदों के अंदर इन दोनों को भी पैवेलियन भेज कर हैदराबाद को तगड़ा झटका दे दिया. इसके बाद हैदराबाद के मध्यक्रम में कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका.

एक समय 80 रनों पर छह विकेट खोने वाली सनराइजर्स 100 रन के अंदर सिमटती नजर आ रही थी. लेकिन, हरफनमौला वेस्ट इंडियन कार्लोस ब्रेथवेट और भुवनेश्वर कुमार के बीच हुई 51 रनों की साझेदारी ने टीम को सम्मान जनक स्कोर तक पहुंचा दिया. हैदराबाद की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ब्रेथवेट ने चार छक्कों और एक चौके की मदद से 43 रन की तेज पारी खेली.

चेन्नई की ओर से सभी गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी की. दीपक चाहर, लुंगी एनगीडी और रविंद्र जडेजा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए एक-एक विकेट लिया. जबकि, ड्वेन ब्रावो ने दो बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा.

हैदराबाद द्वारा दिए गए 139 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई की टीम की शुरुआत भी बेहद खराब रही. शानदार फॉर्म में चल रहे शेन वाटसन को भुवनेश्वर कुमार ने पहले ही ओवर में चलता कर दिया. इसके बाद आए सुरेश रैना ने कुछ अच्छे शॉट्स खेले लेकिन चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर सिदार्थ कौल ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया. चेन्नई को इससे भी बड़ा झटका तब लगा जब अगली ही गेंद पर कौल ने अंबाती रायडू को भी पैवेलियन भेज दिया.

इस मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए और आठवें ओवर में राशिद खान की गुगली का शिकार बन गए. सनराइजर्स की तरह ही चेन्नई के भी विकेट लगातार गिरते रहे. लेकिन, उसके लिए सुखद यह था कि एक छोर को फॉफ डुप्लेसी रोके रहे. देखा जाए तो चेन्नई ने यह मैच डुप्लेसी की वजह से ही जीता है क्योंकि एक समय 92 रन पर सात विकेट खो चुकी चेन्नई के हाथ से यह मैच लगभग निकला चुका था. फॉफ डुप्लेसी ने पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से 42 गेंदों पर नाबाद 67 रन बनाए. इस शानदार पारी के लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.

आईपीएल के नौ सीजन खेलने वाली चेन्नई सुपर किंग्स हर बार प्लेऑफ में पहुंची है. वह सबसे ज्यादा बार ऐसा करने वाली टीम है. मंगलवार का मुकाबला जीतने के बाद भी धोनी की टीम ने एक अदभुत रिकॉर्ड अपने नाम किया है. चेन्नई आईपीएल में सातवीं बार फ़ाइनल में पहुंची है. अन्य कोई भी टीम इस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं है.

उधर, मंगलवार का मुकाबला हारने के बाद भी सनराइजर्स हैदराबाद की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी बरकरार हैं. उसके पास 25 मई को क्वालीफायर-2 के जरिये फाइनल में पहुंचने का एक और मौका है. क्वालीफायर-2 में उसका मुकाबला बुधवार को कोलकाता नाईटराइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा.