‘जब तक सभी राज्यों के वित्त मंत्री राजी नहीं होंगे, पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा सकेगा.’

— शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला का यह बयान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जारी बढ़ोतरी रोकने के उपायों को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘कच्चा तेल आयात होता है, विदेशी कंपनियां उसके दाम बढ़ा रही हैं, इसलिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल को वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाना चाहिए.’ शिव प्रताप शुक्ला ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रहे हैं. बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया था कि पेट्रोल की कीमत में 25 रुपये की कटौती करने की गुंजाइश है लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं करेगी.

‘जेडीएस-कांग्रेस की साझा सरकार किसी एक दल की सरकार के मुकाबले बेहतर ढंग से चलेगी.’

— एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का यह बयान कांग्रेस और जेडीएस की साझा सरकार की स्थिरता से जुड़ी आशंकाओं को लेकर आया. अपने शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी नेताओं की मौजूदगी के बारे में उन्होंने कहा, ‘सभी नेता देश को यह संदेश देना चाहते थे कि हम सब एक हैं और 2019 में राजनीतिक माहौल में बहुत बड़ा बदलाव आएगा.’ एचडी कुमारस्वामी ने आगे कहा कि ये नेता कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बचाने के लिए नहीं आए थे, यह काम दोनों दलों के स्थानीय नेताओं का है. बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि वे किसानों का कर्ज माफ करने जा रहे हैं.


‘तमिलनाडु में स्टरलाइट कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन पर पी चिदंबरम को जवाब देना चाहिए.’

— सुब्रमण्यम स्वामी, भाजपा सांसद

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान तमिलनाडु में स्टरलाइट कॉपर के प्लांट के विवाद को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘पी चिदंबरम वर्षों तक स्टरलाइट कंपनी के निदेशक रहे हैं. इसके सारे दस्तावेज मौजूद हैं. उन्हें अब स्टरलाइट की तरफ से बयान देना चाहिए.’ मंगलवार को तमिलनाडु के तूतिकोरिन में स्टरलाइन के कॉपर प्लांट का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग में 11 की मौत हो गई थी, 65 घायल हो गए थे.


‘कर्नाटक चुनाव तो ट्रेलर है, पूरी फिल्म तो 2019 में दिखाई देगी.’

— नारा लोकेश, आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और टीडीपी नेता

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश का यह बयान कर्नाटक चुनाव में भाजपा की हार के पीछे तेलुगु भाषी लोगों की भूमिका बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हमने (टीडीपी) ने 2014 में भाजपा से गठबंधन किया. टीडीपी ने भाजपा के उन नेताओं को भी मौका दिया जो अकेले वार्ड चुनाव भी नहीं जीत सकते थे. टीडीपी ने भाजपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की जीत सुनिश्चित कराई.’ मंगलवार को नारा लोकेश ने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी राज्य में टीडीपी की ताकत का पार नहीं पा सकी थीं.


‘भाजपा 2014 की तरह 2019 में भी गुजरात की सारी लोकसभा सीटें जीतेगी.’

— विजय रूपाणी, गुजरात के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का यह बयान अगले आम चुनाव में गुजरात में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलने का दावा करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘2014 के बाद गुजरात एक मात्र राज्य है, जहां भाजपा दोबारा सत्ता में आई है.’ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आगे कहा कि दलितों, ओबीसी और पाटीदारों के विरोध के बावजूद भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अपनी क्षमता साबित की थी. उनके मुताबिक गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट प्रतिशत भी बढ़ा था. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का यह भी कहना था कि नोटबंदी और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के बावजूद व्यापारियों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को ही वोट दिया था.


‘पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने या लंबी छुट्टी पर चले जाने का संदेश भेजा था.’

— नवाज शरीफ, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का यह बयान अपने इस्तीफे के पीछे पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के मामले को दबाने की कोशिश बताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘मुझे यह सलाह देने का मकसद यह था कि अगर नवाज शरीफ को रास्ते से हटा दिया जाए तो परवेज मुशर्रफ के खिलाफ मामले को बंद करने में कोई समस्या नहीं होगी.’ नवाज शरीफ के मुताबिक 2014 में विपक्षी नेता इमरान खान का इस्लामाबाद का घेराव यह संदेश देने के लिए था कि परवेज मुशर्रफ के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने का अच्छा परिणाम नहीं होगा.