चीन ने पाकिस्तान से कहा है कि हाफिज़ सईद को पश्चिम एशिया के किसी देश में भेज दिया जाए. जिससे कि वह वहां शांति से अपनी ज़िंदगी बिता सके. या फिर सईद पर नकेल कसने का जल्द से जल्द कोई दूसरा विकल्प ढूंढा जाए.

सूत्रों के हवाले से द हिंदू ने जो ख़बर दी है उसके मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाक़न अब्बासी अभी पिछले महीने ही चीन में थे. वे वहां बोआओ फोरम की बैठक में हिस्सा लेने गए थे. बताया जाता है कि इस बैठक से इतर उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनिपिंग से मुलाक़ात भी हुई. दोनों नेताओं की बैठक क़रीब 35 मिनट चली. इसमें 10 मिनट से अधिक का वक्त सिर्फ़ हाफिज़ सईद के मसले पर ही बातचीत होती रही. इसी दौरान जिनपिंग ने यह सुझाव दिया कि सईद को पाकिस्तान से बाहर भेज दिया जाए.

बताया जाता है कि जिनपिंग के इस सुझाव की बड़ी वजह आतंकवाद के मसले पर बढ़ता अंतर्राष्ट्रीय दबाव है. अभी इस साल के शुरूआत में ही पेरिस में हुई एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने का फैसला किया गया था क्योंकि वह आतंकी संगठनों को मिलने वाली वित्तीय मदद रोकने में नाक़ाम रहा. ऐसे कारणों से पाकिस्तान को लेकर चीन की चिंता बढ़ रही है. इन्हीं वज़हों से आगे चलकर उसके लिए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का बचाव करना भी मुश्किल हो सकता है.

हालांकि चीन के सुझाव पर पाकिस्तान में तुरंत कोई अमल होगा ऐसा लगता नहीं. ख़बर बताती है कि अब्बासी ने चीन से पाकिस्तान लौटते ही सईद के बारे में विकल्प सुझाने के लिए कानूनी जानकारों की टीम बना दी है. लेकिन यह टीम कुछ बता पाएगी और उसके विकल्पों पर सरकार कोई कार्रवाई करेगी इसकी संभावना कम ही है. इसकी वज़ह ये है कि सरकार का कार्यकाल 31 मई को ख़त्म हो रहा है. इसलिए अब्बासी प्रधानमंत्री पद छोड़ेंगे. जुलाई में वहां आम चुनाव होंगे और इसके बाद अगली सरकार कोई फैसला करेगी.