तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने तूतिकोरिन में वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के प्लांट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग को सही ठहराया है. गुरुवार को ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘जब कोई आप पर वार करता है तो आप स्वाभाविक तौर पर अपना बचाव करते हैं. ऐसी स्थिति में कोई पहले से योजना बनाकर काम नहीं करता.’ मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने आगे कहा, ‘22 मार्च के प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए और उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया, पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी. तनावपूर्ण माहौल में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी जो पहले से तय नहीं थी.’ उन्होंने विपक्षी दलों पर स्टरलाइट के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया.

इस बीच मुख्यमंत्री ई पलानीसामी के इस्तीफे की मांग कर रहे द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक तमिलनाडु सचिवालय के सामने प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा, ‘12 लोगों की मौत (अब 13) के बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुख्यमंत्री निष्प्रभावी हो गए हैं.’ एमके स्टालिन ने आगे कहा कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग कर रही है. पुलिस फायरिंग में घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान गुरुवार को निधन के साथ मृतकों का आंकड़ा 13 पहुंच गया है.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी तूतिकोरिन में पुलिस फायरिंग की घटना पर दुख जताया है. गुरुवार को उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्रालय ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है.’ वहीं, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) ने तूतिकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर प्लांट को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है. इसके साथ गुरुवार सुबह प्लांट की बिजली काट दी है.