‘केंद्र की तुलना में राज्य सरकारें पेट्रोल पर ज्यादा टैक्स कटौती कर सकती हैं.’

— राजीव कुमार, नीति आयोग के उपाध्यक्ष

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का यह बयान पेट्रोल की बढ़ती कीमत को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘करों में कटौती की बात में दम है लेकिन इसे केंद्र और राज्य दोनों को करना होगा. चूंकि राज्य मूल्य के हिसाब से टैक्स लगाते हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा कटौती करनी चाहिए.’ राजीव कुमार ने आगे कहा कि राज्यों द्वारा टैक्स न घटाने का मतलब न केवल लोगों, बल्कि अर्थव्यवस्था की कीमत पर बहुत ज्यादा लालची होना है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष के मुताबिक केंद्र को तेल की बढ़ती कीमतों की समस्या से निपटने के लिए मौजूद वित्तीय साधनों को बढ़ाने की जरूरत है.

‘कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ईवीएम से छेड़छाड़ की थी.’

— जी परमेश्वर, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर का यह बयान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ का शक जताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘यह बात मैं और कांग्रेस के दूसरे नेता भी महसूस करते हैं.’ जी परमेश्वर ने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं को उन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जहां बहुत मजबूत स्थिति थी. जेडीएस के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी हाई कमान ने प्रधानमंत्री की तानाशाही रोकने के लिए यह फैसला किया है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के मुताबिक कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन नए युग की शुरुआत है. जी परमेश्वर ने इस खबरों को भी खारिज किया कि दलित होने के नाते पार्टी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया है.


‘पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से कीमतें कम हो सकती हैं.’

— धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम मंत्री

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने के उपाय पर आया. उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल को वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के अलावा दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रही है. धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य गिर गया और तेल की कीमतें बढ़ गईं.’ उनके मुताबिक सरकार तेल कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है.


‘अल्पसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यक मनोग्रंथि का शिकार न बने.’

— असवाल्ड ग्रेसियस, भारतीय कैथोलिक विशप संघ के अध्यक्ष

शीर्ष कैथोलिक पादरी असवाल्ड ग्रेसियस का यह बयान दिल्ली के आर्चबिशप अनिल काउटो द्वारा देश की धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को खतरे में बताने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हम भारतीय हैं. सभी भारतीयों के समान अधिकार हासिल है.’ असवाल्ड ग्रेसियस ने आगे कहा कि भारत में वे और उनके साथ सारे ईसाई सुरक्षित हैं लेकिन गुमराह लोगों द्वारा समस्याएं खड़ी करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में सांप्रदायिक एकता की जरूरत है और सभी लोगों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए. विशप संघ के अध्यक्ष के मुताबिक देश की प्रगति के लिए साथ मिलकर काम करना लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है.


‘एफबीआई निदेशक जेम्स कामे को हटाना देश के लिए अच्छा फैसला था.’

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान एफबीआई के निदेशक जेम्स कामे को हटाने के फैसले पर आया. उन्होंने कहा, ‘एफबीआई बहुत अच्छी संस्था है. मैं एफबीआई में कई लोगों को जानता हूं. लेकिन इसके शीर्ष स्तर पर कुछ बेकार लोग बैठे थे.’ डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि जेम्स कामे उन्हीं बेकार लोगों में थे, जिन्हें हटाकर देश के लिए अच्छा काम किया है. डोनाल्ड ट्रंप और जेम्स कामे के बीच इस साल की शुरुआत से बयानबाजी जारी है. जेम्स कामे अमेरिकी राष्ट्रपति को बेईमान और अमेरिकी मूल्यों के लिए खतरा बता चुके हैं.