केरल के एक हिस्से में फैला निपाह वायरस इंसानों के साथ अब राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी प्रभावित करने लगा है. एएनआई के मुताबिक इस खतरनाक वायरस के डर से केरल में आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी देखी जा रही है. इस बारे में केरल के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठन टूरिज्म प्रोफेशन क्लब के सचिव पॉल कहते हैं, ‘उत्तर भारत में छुट्टियों का सीजन शुरू हो गया है. इन दिनों में वहां से बड़ी संख्या में लोग केरल आते हैं. लेकिन निपाह वायरस के डर से इस सीजन में करीब 50 से 60 फीसदी बुकिंग रद्द कराई जा चुकी हैं. खाड़ी देशों के पर्यटक भी हमसे इस वायरस के बारे में पूछताछ कर रहे हैं.’
केरल में टूरिस्ट गाइड का काम करने वाले अजय कुमार कहते हैं, ‘निपाह वायरस को लेकर मीडिया में आई खबरों से पर्यटकों को लगता है कि इससे पूरा केरल प्रभावित है. ऐसी खबरों से केरल आने वाले टूरिस्टों में कमी हुई है, जिससे काम का नुकसान हो रहा है.’ एएनआई की इस रिपोर्ट में ही केरल आए एक पर्यटक का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज वे होटल और रेस्टोरेंट के खाने से दूरी बना रहे हैं. इसके अलावा निपाह वायरस की चपेट में सबसे पहले आने वाले कोझीकोड जाने का विचार भी उन्होंने छोड़ दिया है.
इस वायरस के फैलने से राज्य में अब तक 12 मौतें हो चुकी हैं जबकि कुछ अन्य रोगियों का इलाज चल रहा है. इस बीच केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने राज्य को पर्यटकों के लिहाज से सुरक्षित बताया है. हालांकि उन्होंने पर्यटकों को इस वायरस से प्रभावित कोझिकोड, मल्लापुरम, वयानाड और कन्नूर जैसे जिलों की यात्रा न करने की सलाह भी दी है.
उधर इस वायरस के खतरे को देखते हुए नेशनल राइफल एसोसिएशन आॅफ इंडिया (एनआरएआई) ने भी अपना एक आयोजन टाल दिया है. द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक सात से 17 जून के दौरान तिरुवनंतपुरम में पिस्टल व राइफल टीमों का ट्रायल कराया जाना था, साथ ही एक राष्ट्रीय चैंपियनशिप भी होनी थी. एनआरएआई ने इस आयोजन को दिल्ली ले जाने का फैसला किया है.
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