इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का ग्यारहवां सीजन अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है. शुक्रवार को इस सीजन में क्वालीफायर-2 का मुकाबला खेला जाना है. यह मुकाबला पॉइंट टेबल में सबसे ऊपर रही सनराइजर्स हैदराबाद और दो बार की आईपीएल चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जाएगा. इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी जहां रविवार को उसका मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से होगा. हैदराबाद और कोलकाता, दोनों टीमों का प्रदर्शन जिस तरह का रहा है उससे पता लगता है कि इनके बीच यह मुकाबला एकतरफा नहीं होने वाला. इन दोनों टीमों के साथ ऐसे कई समीकरण जुड़े हैं जो आज के मुकाबले में नतीजा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं.

आईपीएल-11 के सबसे बेहतर गेंदबाजी आक्रमणों के बीच मुकाबला

आईपीएल के इस सीजन में जिन टीमों के गेंदबाजी आक्रमण की सबसे ज्यादा चर्चा हुई उनमें हैदराबाद और कोलकाता हैं. इन दोनों ने ही अपने अधिकांश मैच गेंदबाजी के दम पर जीते. सनराइजर्स हैदराबाद के स्पिनर राशिद खान और सकीबुल हसन के साथ-साथ भुवनेश्वर कुमार किसी भी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं. वहीं, कोलकाता के सुनील नरेन, पीयूष चावला और कुलदीप यादव की स्पिन तिकड़ी विपक्षियों के लिए सिरदर्द बनी रही है.

इस आईपीएल में ये दोनों गेंदबाजी आक्रमण कितने प्रभावी रहे हैं इसका पता आंकड़ों से भी चलता है. टूर्नामेंट में हैदराबाद के गेंदबाजों का इकॉनमी सबसे कम (7.88 रन प्रति ओवर) रहा है. उधर, कोलकाता के लिए यह आंकड़ा 9.07 है. टूर्नामेंट में केकेआर ने 156.3 ओवर स्पिन गेंदबाजी की है जबकि हैदराबाद ने 123 ओवर. इनमें केकेआर के स्पिनरों ने 48 जबकि हैदराबाद के स्पिनरों ने 33 विकेट लिए हैं. कुल मिलाकर दोनों टीमों के स्पिनरों का प्रदर्शन देखें तो इस मामले में हैदराबाद का पलड़ा थोड़ा भारी दिखता है.

सनराइजर्स की बल्लेबाजी

गेंदबाजी के मामले में जहां हैदराबाद का पलड़ा थोड़ा भारी दिखता है वहीं बल्लेबाजी के मोर्चे पर पलड़ा कोलकता की ओर झुक जाता है. सनराइजर्स अपने कप्तान केन विलियमसन पर बहुत ज्यादा निर्भर है. विलियमसन 57 से ज्यादा के औसत से अब तक 685 रन बना चुके हैं. विलियमसन के बाद शिखर धवन (437 रन) भी कुछ मैचों से लय में दिख रहे हैं. लेकिन, इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज ऐसा नहीं दिखता जो विपरीत परिस्थितियों में टीम को संभाल ले. मध्यक्रम में मनीष पांडेय, युसूफ पठान अब तक पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं. हालांकि, पिछले मैच में हरफनमौला वेस्ट इंडियन कार्लोस ब्रेथवेट की 43 रन की तेज पारी ने जरूर कप्तान विलियमसन को कुछ राहत दी होगी.

अगर कोलकाता की बल्लेबाजी की बात करें तो इसका मध्यक्रम कप्तान दिनेश कार्तिक, सुभमन गिल की वजह से काफी मजबूत हो जाता है. हैदराबाद से अलग कई बार विपरीत परिस्थितियों में ये दोनों टीम को संकट से निकालने में सफल हुए हैं. बल्लेबाजी में कोलकाता का एक मजबूत पक्ष आंद्रे रसेल भी हैं, जो अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से कई मैचों का रुख पलट चुके हैं.

केकेआर का लय में आना और सनराइजर्स का लय खोना

इस आईपीएल सीजन में पहले एक महीने सनराइजर्स हैदराबाद सबसे बेहतर टीम रही थी. इस टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से लगातार छह लीग मैच जीते और सबसे पहले प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया. लेकिन, प्लेऑफ में पहुंचने के बाद टीम लगातार चार मुकाबले हार चुकी है. ऐसे में इस टीम की सबसे बड़ी चुनौती वापस लय पाने की है. उधर, कोलकाता एक ऐसी टीम है जिसने टूर्नामेंट में तब लय पाई जब वह प्लेऑफ से बाहर होने के कगार पर पहुंच गई थी. नौ मई को मुंबई से 102 रन के बड़े अंतर से हारने के बाद उसने अपने चारों मुकाबले जीते.

आंकड़ों में कोलकाता भारी

अगर आंकड़ों की बात करें इसमें कोलकाता का पलड़ा भारी नजर आता है. दोनों टीमों ने एक दूसरे के खिलाफ अब तक कुल 14 मैच खेले हैं, जिसमें नौ कोलकाता ने और पांच सनराइजर्स ने जीते हैं. हालांकि, इस सीजन में मुकाबला बराबरी का रहा है. दोनों ने ही एक-एक मैच जीता है. अगर प्लेऑफ की बात करें तो इसमें भी मामला बराबरी का ही रहा है. पिछले सीजनों में दोनों इस राउंड में दो बार भिड़ी हैं जिसमें एक-एक मैच जीता है.

मैच का ईडन गार्डन्स में होना भी अहम पहलू

शुक्रवार को होने वाले इस मुकाबले में खेल का मैदान भी एक अहम पहलू है. यह मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर खेला जा रहा है जो केकेआर का होम ग्राउंड भी है. यह मैदान इस टीम को काफी रास आता है. राजस्थान के साथ उसका पिछला मैच भी इसी मैदान पर हुआ था. पिछले दस साल में राजस्थान केकेआर को कोलकाता में नहीं हरा पाया है. इस मैदान पर सनराइजर्स ने केकेआर के साथ कुल छह मैच खेले हैं जिनमें उसे केवल एक में ही जीत मिली है. इसके अलावा इस मैदान पर केकेआर ने प्लेऑफ के जितने भी मुकाबले खेले हैं उन सभी में उसे जीत हासिल हुई है.

शुक्रवार के इस बेहद अहम मुकाबले से पहले केकेआर के कोच जैक्स कैलिस कहते हैं, ‘ईडन गार्डन्स पर इस मुकाबले का होना हमें वो घरेलू लाभ देगा जो मैच में एक बड़ा अंतर पैदा करता है. इस मैदान पर हमारे खिलाड़ियों को एक अलग ऊर्जा मिलती है.’

हालांकि, इस मैदान पर एक पक्ष ऐसा भी है जिसका लाभ सनराइजर्स भी उठा सकती है. सनराइजर्स के स्पिनर इस समय कमाल की गेंदबाजी कर रहे हैं और इस सीजन में ईडन गार्डन्स स्पिनरों के लिए स्वर्ग जैसा साबित हुआ है. स्पिनरों ने इस बार यहां 51 विकेट झटके हैं और इन्हें हर 17 गेंदों के बाद विकेट मिला है.

यानी शुक्रवार के मुकाबले में गेंद और बल्ले के बीच तो कड़ा संघर्ष दिखेगा ही, आईपीएल के दो सबसे बेहतर स्पिन आक्रमणों के बीच अव्वल आने की रेस भी देखने को मिलेगी.