जापान की दो प्रमुख कार निर्माता कंपनियों- सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन और टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन ने भारत में मिलकर काम करने फैसला लिया है. इस साझेदारी में वाहनों के उत्पादन, तकनीकी विकास और बाजार का विकास शामिल है. खबरों के मुताबिक इस समझौते के तहत टोयोटा, सुज़ुकी के बनाए छोटे आकार के अल्ट्राहाई-एफिशिएंट इंजन में तकनीकी सहायता प्रदान करेगी. बताया जा रहा है कि इन एफिशिएंट इंजनों को भारत की हर एक टोयोटा और सुज़ुकी ब्रांड की डीलरशिप पर बेचा जाएगा. टोयोटा और सुज़ुकी ने भारतीय बाजार में एक दूसरे को हाइब्रिड व अन्य वाहनों की आपूर्ति देने से संबंधित समझौता सबसे पहले मार्च में किया था.

एक प्रमुख ऑटोवेबसाइट ने इस बारे में जानकारी देते हुए लिखा है कि- टोयोटा सुज़ुकी की कारों को अपने प्लांट में बनाकर उन्हें अपने ही नेटवर्क पर बेचेगी. यह साझेदारी दोनों तरफ से हुई है. एक तरफ जहां मारुति-सुज़ुकी के प्लांट में क्षमता से ऊपर विनिर्माण कार्य चल रहे हैं तो वहीं टोयोटा की इटियोस, लिवा और यारिस जैसी गाड़ियां बनाने वाली 2.10 लाख की क्षमता की लाइन का महज 30 फीसदी भाग ही इस्तेमाल हो पा रहा है. ऐसे में टोयोटा भी अपनी लाइन का बेहतर इस्तेमाल कर पाएगी और मारुति-सुज़ुकी का दवाब कम होगा.

इस मौके पर टोयोटा के प्रेसिडेंट अकिओ टोयो का कहना था, ‘सुज़ुकी पहली जापानी कंपनी है जिसने भारत में दस्तक दी और यहां के लोगों के साथ मिलकर देश ऑटोमोबाइल सोसाइटी को बुलंदियों तक पहुंचाया. टोयोटा भी भारत की इस सोसायटी का सदस्य है. ऐसे में दोनों कंपनियां मिलकर भारत में बनी इन कारों को अफ्रिका समेत दुनियाभर के तमाम अन्य देशों में निर्यात भी करेंगी. सुज़ुकी के साथ इस साझेदारी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.’

वहीं सुज़ुकी के चेयरमैन ओसामु सुज़ुकी ने बयान दिया, ‘मैं तहे दिल से टोयोटा की गर्मजोशी को प्रोत्साहित करता हूं. अब हमें कॉम्पैक्ट, अल्ट्राहाई-एफिशिएंसी पावरट्रेन के उत्पादन में भी काफी तकनीकी सहयोग मिलेगा. मुझे विश्वास है कि यह नई साझेदारी दोनों ही कंपनियों के लिए न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में फायदे का सौदा साबित होगी.’

रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक-500 का स्पेशल एडिशन लॉन्च किया

देश की प्रमुख दमदार बाइक निर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक 500 का स्पेशल एडिशन लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि ‘क्लासिक-500 पेगासस’ नाम के इस एडिशन को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान काम लाई जाने वाली डब्ल्यूडी 125 मोटरसाइकल से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. बताया जाता है कि उस दौर में ब्रिटिश सैनिक इस बाइक को फ्लाइंग फ्ली के नाम से जानते थे. ख़बरों के मुताबिक रॉयल इनफील्ड इस एडिशन के तहत दुनियाभर के लिए सिर्फ 1000 बाइकें तैयार करेगी. इनमें से 250 यूनिट भारत में बेचे जाने के साथ 190 यूनिट ब्रिटेन को निर्यात की जाएंगी.

रॉयल इनफील्ड ने क्लासिक पेगासस लिमिटेड एडिशन में अपने मौजूदा मॉडल की तरह 499-सीसी का एयर-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया है जो 5250 आरपीएम पर 27.2 की अधिकतम पॉवर के साथ 4000 आरपीएम पर 41.3 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. इंजन की ही तरह पेगासस का चेसिस, ब्रेक और टायर भी मौजूदा मॉडल से लिए गए हैं.

कंपनी की मानें तो द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान फ्लाइंग फ्ली जिन दो रंगों - सर्विस ब्राउन और ऑलिव ड्रैब ग्रीन के साथ आती थी, पेगासस भी इन्हीं दो रंगों में तैयार की गई है. इसके अलावा फ्लाइंग फ्ली की तर्ज़ पर ही इस लिमिटेड एडिशन के साथ मिलिट्री-स्टाइल कैनवास पेनियर्स, पेगासस लोगो, टैंक पर यूनिक नंबर, ब्राउन हैंडलबार ग्रिप्स, एयर फिल्टर के दोनों तरफ लैदर स्ट्रैप और ब्रास बकल के साथ ब्लैक सायलेंसर जैसे असेट देखने को मिलते हैं.

खबरों के मुताबिक रॉयल इनफील्ड ने क्लासिक 500 पेगासस की कीमत 4,999 पाउंड यानी तकरीबन 4.5 लाख रुपए तय की है. हालांकि भारत में अभी तक इस बाइक की कीमतों का खुलासा नहीं हो पाया है. अगर आप इस शानदार बाइक को घर लाना चाहते हैं तो आपको इसी साल जुलाई में इसके लिए शुरु होने वाली ऑनलाइन बुकिंग का ध्यान रखना होगा.

टाटा मोटर्स ने इंडिका का प्रोडक्शन बंद किया

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक रह चुकी इंडिका का प्रोडक्शन रोकने का फैसला लिया है. इंडिका वही कार थी जिसके साथ टाटा मोटर्स 1998 में पहली बार पैसेंजर कार सेगमेंट में दाखिल हुई थी. इससे पहले टाटा मोटर्स को व्यवसायिक वाहनों के लिए पहचाना जाता था.

इंडिका को बाजार से मिलने वाले रेसपॉन्स का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसके लॉन्च होने के कुछ ही हफ़्तों के भीतर इसकी करीब सवा लाख यूनिट बुक कर ली गईं और दो साल के भीतर यह कार सेगमेंट की लीडर बन गई. इन बीस सालोंं में इंडिका के लिए बाजार की दीवानगी को देखते हुए कंपनी ने इसके कई नए वेरिएंट भी लॉन्च किए. इनमें टाटा इंडिका वी-2, टर्बो और फेसलिफ्ट इंडिका जैसे मॉडल शामिल थे. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस कार की लोकप्रियता में जबरदस्त कमी देखने को मिली है, जिसके चलते वित्तीय वर्ष 2017-18 में इसकी सिर्फ 2583 यूनिट ही बिक पाईं.

इंडिका के साथ ही टाटा मोटर्स ने कॉम्पैक्ट सेडान इंडिगो का भी उत्पादन रोके जाने की घोषणा की है. 2002 में लॉन्च हुई इस कार को भी शुरुआती वर्षों में बाजार का खासा प्यार मिला. लेकिन वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1756 यूनिट बिक्री के साथ इसकी स्थिति भी इंडिका की ही तरह दयनीय हो गई. इस मौके पर टाटा मोटर्स के प्रवक्‍ता का कहना था कि बदलते बाजार और प्रभावशाली डिज़ाइन की दिशा में कंपनी के विकास के मद्देनज़र इंडिका और इंडिगो ईसीएस का उत्‍पादन बंद करने का फैसला लिया गया है, जो किसी उत्‍पाद के जीवन चक्र का हिस्सा है.

यदि इंडिका और इंडिगो ईसीएस के इतर देखें तो हैचबैक टिआगो, कॉम्पैक सेडान टिगोर और सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन जैसी कारों के शानदार प्रदर्शन के चलते टाटा मोटर्स ने वित्तीय वर्ष 2016-17 की 1.53 लाख यूनिट कारों के मुकाबले 2017-18 में 1.87 लाख यूनिट कारें बेच मुनाफे में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है