बीती सात अप्रैल को शुरू हुए आईपीएल-11 में अब खिताबी मुकाबले की घड़ी आ पहुंची है. आज मुंबई के वानखेड़े के मैदान पर खेले जाने वाले फ़ाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें आमने-सामने होंगी. फाइनल में पहुंचने वाली दक्षिण भारत की इन दोनों टीमों में फिलहाल चेन्नई का पलड़ा काफी भारी दिख रहा है. जहां चेन्नई खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद फाइनल में पहुंची है तो दूसरी ओर हैदराबाद के लिए कहा जा सकता है कि उसने ऐसा अपनी गेंदबाजी के दम पर किया है.

आंकड़े भी चेन्नई को ही भारी बताते हैं. आईपीएल में दोनों के बीच हुए कुल नौ मैचों में से सात चेन्नई सुपर किंग्स ने जीते हैं. इस सीजन के सभी तीन मैचों में भी चेन्नई ने सनराइजर्स को शिकस्त दी है. आज के मैच में ज्यादातर जानकार चेन्नई सुपर किंग्स की जीत की भविष्यवाणी कर रहे हैं.

हालांकि कुछ लोग सनराइजर्स हैदराबाद को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे क्योंकि यह टीम चौंकाने का भरपूर माद्दा रखती है. ऐसा इसने किया भी है. लेकिन, जानकारों की मानें तो महेंद्र सिंह धोनी की ताकतवर टीम के सामने ऐसा करना तब ही संभव है जब सनराइजर्स ने इन चार समस्याओं का हल ढूंढ लिया हो.

बल्लेबाजी में कप्तान केन और शिखर धवन का चलना जरूरी

इस पूरे आईपीएल सीजन में हैदराबाद की सबसे बड़ी चिंता उसकी बल्लेबाजी रही है. इस टीम में कप्तान केन विलियम्सन के अलावा अन्य किसी बल्लेबाज के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी है. विलियमसन 52 से ज्यादा के औसत से अब तक 688 रन बना चुके हैं. उनके बाद शिखर धवन (470 रन) भी अब कुछ मैचों से लय में दिख रहे हैं. लेकिन, इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज ऐसा नहीं दिखा जिसने विपरीत परिस्थितियों में टीम को संभाला हो. हालांकि, पिछले दो मैचों में निचले क्रम पर आने वाले कार्लोस ब्रेथवेट और राशिद खान ने जरूर तेजी से रन बनाकर टीम मैनेजमेंट को कुछ राहत दी है, लेकिन हर मैच में इन से ऐसी पारी की उम्मीद नहीं की जा सकती.

सनराइजर्स तब ही 180 या इससे ज्यादा रन बना सकी है जब या तो विलियम्सन या फिर शिखर धवन का बल्ला चला हो
सनराइजर्स तब ही 180 या इससे ज्यादा रन बना सकी है जब या तो विलियम्सन या फिर शिखर धवन का बल्ला चला हो

इस आईपीएल सीजन में यह भी देखा गया है कि सनराइजर्स तब ही 180 या इससे ज्यादा रन बना सकी है जब या तो कप्तान केन विलियम्सन या फिर शिखर धवन का बल्ला चला हो. चेन्नई के खिलाफ दोनों लीग मैचों में भी इस टीम ने एक अच्छा स्कोर तब ही बनाया जब ये दोनों बल्लेबाज चले या फिर इनमें से कोई एक. ऐसे में आज के मुकाबले में कम से कम इन दोनों का रन बनाना अनिवार्य हो जाता है.

शेन वाट्सन, अंबाती रायडू और सुरेश रैना को जल्द आउट करना जरूरी

आईपीएल के इस सीजन में चेन्नई की बल्लेबाजी उसकी ताकत रही है. आंकड़े देखें तो इस बार इस टीम ने प्रति विकेट औसतन 35.04 रन बनाए हैं जो कि अन्य टीमों से कहीं ज्यादा है. आईपीएल-11 में चेन्नई इकलौती ऐसी टीम भी है जिसने तीन बार 180 से ज्यादा का लक्ष्य भेदा है. तेजी से रन बनाने के मामले चेन्नई टूर्नामेंट की दूसरी सबसे बेहतर टीम है इसने प्रति ओवर 8.92 के इकॉनॉमी से रन बनाए हैं.

अंबाती रायडू को हैदराबाद के गेंदबाज खूब रास आते हैं, वे इस टीम के खिलाफ पिछली दस पारियों में 385 रन बना चुके हैं
अंबाती रायडू को हैदराबाद के गेंदबाज खूब रास आते हैं, वे इस टीम के खिलाफ पिछली दस पारियों में 385 रन बना चुके हैं

बल्लेबाजी में इन बेहतरीन आंकड़ों की वजह इस टीम का किसी एक या दो बल्लेबाजों पर निर्भर न होना है और साथ ही सभी बल्लेबाजों का फॉर्म में होना है. ख़ासकर शेन वाटसन (438 रन), अंबाती रायुडू (586 रन), सुरेश रैना (413 रन) और महेंद्र सिंह धोनी (455) जो विपक्षियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. ऐसे में जाहिर है कि आज के मैच में अगर सनराइजर्स हैदराबाद चेन्नई को एक बड़ा स्कोर बनने से रोकना चाहती है तो उसे कम से कम शेन वाट्सन, अंबाती रायडू और सुरेश रैना तीनों को शुरुआती आठ ओवरों में आउट करना ही होगा.

बीच के ओवरों में केवल राशिद खान पर निर्भर नहीं रह सकते

जहां चेन्नई की टीम बल्लेबाजी के मोर्चे पर सबसे बेहतर रही है वहीं गेंदबाजी में यह जिम्मा सनराइजर्स ने लिया है. इस आईपीएल सीजन में इस टीम के गेंदबाजों ने सबसे कम 7.89 के इकॉनॉमी से रन दिए हैं. साथ ही वे औसतन हर 24 रनों के बाद एक विकेट हासिल करने में कामयाब हुए हैं. सनराइजर्स इकलौती ऐसी टीम भी है जिसके गेंदबाजों ने दूसरी पारी में विपक्षी टीम को तीन बार 150 से कम का लक्ष्य हासिल करने से रोका है.

अधिकांश मैचों में देखा गया है कि गेंदबाजी के दौरान यह टीम मध्य के ओवरों में मैच का पासा पलटती है और ऐसा अफगान लेग स्पिनर राशिद खान की धारदार गेंदबाजी की वजह से होता है. अब तक टूर्नामेंट में 21 विकेट ले चुके राशिद ने ऐसा ही पिछले मैच में कोलकाता के खिलाफ भी किया था.

राशिद खान इस सीजन में कई बार अपनी दम पर हैदराबाद को मैच जितवा चुके हैं
राशिद खान इस सीजन में कई बार अपनी दम पर हैदराबाद को मैच जितवा चुके हैं

लेकिन, गौर करने वाली बात यह है कि चेन्नई के खिलाफ राशिद खान उतना कामयाब नहीं हुए हैं जितना वे अन्य टीमों के खिलाफ होते हैं. पिछले तीन मैचों में उन्होंने कुल 85 रन देकर तीन विकेट झटके हैं. एक मैच में वे 49 रन भी दे चुके हैं. हैदराबाद के लिए चिंता की बात यह भी है कि राशिद के साथ मध्य के ओवरों में गेंदबाजी करने वाले सकीबुल हसन और भी ज्यादा महंगे साबित हुए हैं. सकीबुल ने चेन्नई के खिलाफ पिछले तीन मैचों में 9.3 की इकॉनॉमी से रन दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली. ऐसे में आज होने वाले मैच में कप्तान केन विलियम्सन को इस कमजोरी की काट निकालनी होगी.

डेथ ओवरों में रन लुटाने से बचना

आज के मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की एक चिंता यह भी है कि उसके डेथ ओवरों के विशेषज्ञ गेंदबाज चेन्नई के खिलाफ फीके रहे हैं. भुवनेश्वर कुमार को छोड़ दें तो सिद्दार्थ कौल, कार्लोस ब्रेथवेट और संदीप शर्मा सभी अंत के ओवरों में महंगे साबित हुए हैं. चेन्नई के खिलाफ सनराइजर्स के गेंदबाजों ने पहले लीग मैच के अंतिम पांच ओवरों में 61, दूसरे में 43 और क्वालीफायर-1 के मैच में अंतिम 13 गेंदों पर 43 रन लुटाए थे. ऐसे में आज के मैच में चेन्नई के खिलाफ सनराइजर्स के गेंदबाजों के सामने इस मोर्चे पर भी बेहतर करने की चुनौती होगी.

आज के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के प्रदर्शन के अलावा एक और बात भी चेन्नई के पक्ष में जाती है. यह है धोनी का सात बार बतौर कप्तान आईपीएल का फाइनल खेलना. इस अनुभव के मामले में विलियम्सन धोनी के मुकाबले कहीं नहीं ठहरते. लेकिन, सनराइजर्स के लिए यहां पर एक सकारात्मक पहलू भी है जो केन विलियम्सन का काफी हौसला बढ़ा सकता है. वह यह है कि आईपीएल के फाइनल में धोनी के हारने की संभावना बढ़ जाती है. धोनी सात आईपीएल फाइनल में से केवल दो ही बार खिताब जीते हैं.

फिर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर की कही यह बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि टी20 के खेल में शेर कौन है यह आप पहले नहीं बता सकते क्योंकि यहां बड़े-बड़े शेरों का शिकार होते देखा गया है.