महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 11 का खिताब अपने नाम कर लिया है. रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में चेन्नई ने सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से मात दे दी. खेल के हर क्षेत्र में इक्कीस साबित हुई चेन्नई की टीम ने हैदराबाद द्वारा दिए गए 178 रनों के लक्ष्य को महज दो विकेट खोकर 18.3 ओवर में हासिल कर लिया.

चेन्नई की जीत में सबसे अहम भूमिका ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज शेन वॉटसन ने निभाई. पारी की शुरुआत करने आए वॉटसन ने शानदार शतक ठोंक मैच को एकतरफा बना दिया. उनकी पारी की एक ख़ास बात यह भी रही कि उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत बहुत धीमी की और दस गेंदें खेलने के बाद अपना खाता खोला. लेकिन, पांचवें ओवर के बाद ऐसी तेजी पकड़ी कि 51 गेंदों पर शतक बना दिया. दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके वॉटसन ने आठ छक्के और 11 चौकों की मदद से 57 गेंदों पर नाबाद 117 रनों की पारी खेली. आईपीएल के इस सीजन में दूसरा शतक लगाने वाले शेन वॉटसन को उनकी इस पारी के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.

हैदराबाद द्वारा मैच की पहली पारी में 178 रनों का लक्ष्य दिए जाने के बाद माना जा रहा था कि ये मैच चेन्नई के लिए आसान नहीं होगा. क्योंकि हैदराबाद के गेंदबाज कई बार इससे छोटे लक्ष्य के अंदर विपक्षी टीम को रोक चुके हैं. लेकिन, चेन्नई के बल्लेबाजों ने एक रणनीति के तहत बल्लेबाजी की और हैदराबाद के सबसे खतरनाक गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और राशिद खान को संभल कर खेलते हुए विकेट लेने का कोई मौका नहीं दिया. चेन्नई के बल्लेबाजों ने भुवनेश्वर और राशिद को छोड़कर अन्य गेंदबाजों पर जमकर रन बटोरे.

यानी कुल मिलाकर देखें तो आईपीएल के इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद की जो गेंदबाजी उसकी सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही थी. वह इस मैच में पूरी तरह बेअसर रही और फाइनल जैसा बड़ा मुकाबला हारने की सबसे बड़ी वजह भी बनी.

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट गंवा कर 178 रन बनाए और चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 179 रनों की चुनौती रखी. हैदराबाद के लिए यूसुफ पठान ने नाबाद 45 रन और कप्तान केन विलियमसन ने 47 रनों का योगदान दिया. इसके अलावा शिखर धवन ने 26 और शाकिब अल हसन ने 23 रन बनाए. निचले क्रम पर आए कार्लोस ब्रैथवेट ने भी 10 गेंदों में तीन छक्कों की मदद से 21 रन बनाए. चेन्नई की गेंदबाजी की बात करें तो सभी गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की. लुंगी नगिदी, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, कर्ण शर्मा और ड्वेन ब्रावो सभी ने एक-एक विकेट लिया.

हैदराबाद द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई के सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन और फाफ डु प्लेसिस ने काफी धीमी शुरुआत की. दोनों को ही भुवनेश्वर कुमार और संदीप शर्मा ने बांधे रखा. तीन ओवर में मात्र 11 बनाने वाली चेन्नई के बल्लेबाज डु प्लेसिस इसी दबाव के चलते बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में संदीप की गेंद पर उन्हीं को कैच दे बैठे.

इसके बाद आए सुरेश रैना ने वॉटसन के साथ मिलकर तेजी से रन बटोरे और टीम का स्कोर 13 ओवर में एक विकेट पर 130 रन पहुंचा दिया. रैना के 14वें ओवर में आउट होने तक दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 117 रन जोड़ दिए थे. रैना ने 24 गेंदों में तीन चौोके और एक छक्के की मदद से 32 रन बनाए. इसके बाद आए अंबाती रायडू ने 19 गेंदों पर 16 रन बनाए और वॉटसन के साथ नाबाद लौटे. हैदराबाद के सबसे खतरनाक माने जा रहे गेंदबाज राशिद खान ने चार ओवर में 24 और भुवनेश्वर कुमार ने 17 रन दिए.

वहीँ, आईपीएल का सातवां फाइनल खेलने वाली चेन्नई ने तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया है. आईपीएल के इतिहास में चेन्नई के अलावा मुंबई इंडियंस ही ऐसी टीम है जिसने यह टूर्नामेंट तीन बार जीता है. मुंबई इंडियंस ने साल 2013, 2015 और 2017 का आईपीएल खिताब अपने नाम किया था और ये तीनों ही खिताब उसे रोहित शर्मा की कप्तानी में मिले. यानी रोहित के बाद अब धोनी भी ऐसा करने वाले कप्तान बन गए हैं. इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2010 और 2011 का खिताब अपने नाम किया था. इस सब में गौर करने वाली बात यह भी है कि चेन्नई ने दो साल के प्रतिबंध के बाद इस बार आईपीएल में वापसी की थी.