तमिलनाडु सरकार एक बड़ा फैसला लेते हुए तूतिकोरिन स्थित स्टरलाइट कॉपर प्लांट को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश दिया है. राज्य के उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह फैसला जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. 22 मई को इस प्लांट का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी. तूतिकोरिन के लोग लंबे समय से इस प्लांट का विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि इससे होने वाले प्रदूषण के चलते उन्हें सेहत संबंधी काफी दिक्कतें हो रही हैं. फरवरी में जब इस प्लांट का विस्तार होने की खबर आई तो यह विरोध और तेज हो गया था.

स्टरलाइट ब्रिटेन स्थित वेदांता ग्रुप की कंपनी है. सोमवार को इस मुद्दे वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की पहली प्रतिक्रिया भी आई. उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के पीछे कुछ स्वार्थी तत्वों का हाथ था. उन्होंने तमिलनाडु सरकार की आलोचना की और कहा कि उसने इस पूरे मामले को ठीक से हैंडल नहीं किया. अनिल अग्रवाल का यह भी कहना था कि कारोबार और राजनीति को अलग-अलग रखा जाना चाहिए.