‘जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती.’

— सुषमा स्वराज, भारत की विदेश मंत्री

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का यह बयान पाकिस्तान के साथ बाचतीत के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘हमने (भारत) कभी नहीं कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार नहीं है. लेकिन एक शर्त है. आतंक और बातचीत कभी साथ-साथ नहीं चल सकते, चाहे (पाकिस्तान में आम चुनाव के) बाद में हो या पहले.’ चीन के साथ डोकलाम विवाद पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वहां यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है. भारतीय विदेश नीति में बाहरी दखलंदाजी को खारिज करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से बंधा है, न कि अमेरिका के.

‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हमारे (सरकार के) नियंत्रण से बाहर हैं.’

— धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान तेल कीमतों में लगातार जारी बढ़ोतरी को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और डॉलर व रुपये की दर में अंतर से ऐसी स्थिति (तेल कीमतों में बढ़ोतरी) बनी है.’ धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा, ‘पिछले दिनों केंद्र ने (पेट्रोल और डीजल पर) टैक्स घटाया था लेकिन राज्यों ने उस अनुपात में कमी नहीं की. हम उन पर दबाव नहीं डाल सकते, केवल अनुरोध कर सकते हैं.’ केंद्रीय मंत्री के मुताबिक मोदी सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग की समस्याओं के प्रति गंभीर है और तेल की बढ़ती कीमतों का कोई हल जरूर निकालेगी.


‘विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर गया है.’

— सुशील मोदी, बिहार के उपमुख्यमंत्री

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का यह बयान भाजपा के खिलाफ विपक्ष के एकजुट होने पर आया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस सत्ता के बगैर जीवित नहीं रह सकती है. कभी पूरे देश में शासन करने वाली कांग्रेस आज चार राज्यों में सिमट गई है.’ सुशील मोदी ने आगे कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस 140 से घटकर 78 सीटों पर आ गई, लेकिन जश्न ऐसे मानाया जैसे वह जीत गई हो. डीएमके, एआईएडीएमके और टीडीपी पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये दल कभी देश हित के नाम पर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाते हैं और कभी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर विरोध करने लगते हैं.


‘भाजपा संजय राउत जैसे लोगों को कभी महत्व नहीं देती है.’

— देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह बयान शिवसेना सांसद संजय राउत की टिप्पणी के जवाब में आया. शनिवार को संजय राउत ने कहा था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घमंडी हैं और सत्ता में आने के बाद कुत्ता भी खुद को शेर समझने लगता है. इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केवल मीडिया संजय राउत जैसे लोगों को तवज्जो देता है, जबकि पूरा देश जानता है कि कौन घमंडी है. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री का कहना था कि केंद्र के साथ राज्यों को भी इसका हल निकालने की कोशिश करनी चाहिए.


‘कांग्रेस ने कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव डाला था.’

— एचडी देवगौड़ा, जेडीएस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री

जेडीएस अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा का यह बयान कर्नाटक में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बयान का बचाव करते हुए आया. रविवार को कुमारस्वामी ने कहा था कि वे जनता नहीं, कांग्रेस की दया पर निर्भर हैं. इस पर एचडी देवगौड़ा ने कहा, ‘(जेडीएस के) 37 विधायकों के साथ हम सरकार कैसे चला सकते हैं? हमें दूसरी पार्टी का समर्थन लेना होगा. उसके कार्यक्रमों को भी लागू करना होगा. बगैर उसके समर्थन के यह नहीं हो पाएगा.’ पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक इसी वजह से कुमारस्वामी ने जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कही है.


‘उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच और अधिक अनौपचारिक बैठकें होनी चाहिए.’

— मून जो-इन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मून जो-इन ने यह बात उत्तर कोरिया के शासन किम जोंग-उन के साथ शनिवार को हुई बैठक को लेकर कही. उन्होंने कहा, ‘हालिया बैठक में सबसे महत्वपूर्ण यह था कि दोनों नेता आसानी से संपर्क में आए, आसानी से बातचीत के लिए समय तय हुआ.’ मून जो-इन ने आगे कहा कि शनिवार की बैठक बगैर किसी जटिल प्रक्रिया और औपचारिकता के हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने ऐसी और बैठकें करने पर सहमत जताई. बीते हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ 12 जून को सिंगापुर में प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी थी. लेकिन बाद में उन्होंने कहा था कि यह बैठक तय समय पर हो सकती है.