इस महीने के आखिरी दो दिन यानी 30 और 31 मई को सरकारी बैंकों में कामकाज ठप हो सकता है. एनडीटीवी के मुताबिक इन दोनों कार्यदिवसों पर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने बैंक कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के मुद्दे पर बुलाई है.

बैंक यूनियन के एक नेता अशोक गुप्ता का कहना है कि इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ सोमवार को बैंक यूनियनों की बैठक हुई थी. लकिन आईबीए ने कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करने से इनकार कर दिया था. आईबीए के अधिकारी कर्मचारियों के वेतनमान में 14 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की बैंक यूनियनों की मांग मानने के लिए तैयार नहीं हैं.

बताया जाता है कि बैंक कर्मचारियों के वेतनमान में आखिरी बार साल 2012 में बढ़ोतरी की गई थी. तब वेतन समीक्षा के बाद इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी. मौजूदा समय में आईबीए बैंक कर्मचारियों का वेतन दो ​फीसदी से ज्यादा बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है. इसकी वजह बैंकों के बढ़ते नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) को माना जा रहा है. उधर बैंक यूनियनें इस बढ़ोतरी को मजाक करार दे रही हैं. उनका कहना है कि यूएफबीयू के नेतृत्व में दो दिनों की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल की पूर्वसूचना सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को दे दी गई है. बताया गया है कि इस हड़ताल में निजी क्षेत्र के बैंक शामिल नहीं होंगे.