‘आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत पूरी जिम्मेदारी से इंडोनेशिया के साथ खड़ा है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान इंडोनेशिया में हालिया आतंकी हमले की निंदा करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ के बीच साझेदारी एक ऐसी ताकत है जो हिंद-प्रशांत ही नहीं, अन्य क्षेत्रों में शांति की गारंटी बन सकती है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकास के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच वैचारिक सहमति जरूरी है. उनके मुताबिक भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और सागर (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल द रीजन) दृष्टिकोण इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो की समुद्री नीति से मेल खाता है.

‘चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल की तवायफ की तरह काम कर रहा है.’

— संजय राउत, शिवसेना सांसद और प्रवक्ता

शिवसेना नेता संजय राउत का यह बयान चुनाव आयोग पर महाराष्ट्र के पालघर लोक सभा उपचुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हमारे लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को पैसे बांटते पकड़ा लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की.’ संजय राउत ने आगे कहा कि अगर चुनाव आयोग ने पूरे देश में यही किया तो क्या होगा. इससे पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो जारी किया था, जिसमें वे पालघर लोक सभा उपचुनाव किसी भी कीमत पर जीतने की बात करते सुनाई दे रहे थे. हालांकि, भाजपा ने इसे गलत बताया था.


‘अगर आरएसएस ने मुझे निमंत्रण दिया होता तो मैं उसे स्वीकार न करता.’

— पी चिदंबरम, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम का यह बयान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करने पर आया. उन्होंने कहा, ‘जब उन्होंने (पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी) निमंत्रण स्वीकार ही कर लिया है तब यह बहस करना गलत है कि उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए था या नहीं.’ पी चिदंबरम ने आगे कहा, ‘सर (प्रणब मुखर्जी) जब आपने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है तो वहां जरूर जाइए और उन्हें बताइए कि उनकी विचारधारा में खामी क्या है.’ वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना था कि किसी को भी आरएसएस का निमंत्रण स्वीकार करने के आधार पर आंकना गलत होगा.


‘यह पहला मौका नहीं है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक पैसे की कटौती हुई है.’

— धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान लगातार 16 दिन तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एक पैसे की कटौती का बचाव करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘जब से पेट्रोल-डीजल की कीमत रोजाना तय करने की व्यवस्था लागू हुई है, तब से कीतमें बढ़ी हैं और इसमें एक पैसा, 12 पैसा और 27 पैसे की कटौती भी हुई है.’ पेट्रोल-डीजल की कीमत 60 पैसे की कटौती की पहले आई खबर पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह एक कर्मचारी की गलती थी. उन्होंने केरल द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक रुपये की कटौती के कदम का स्वागत किया. इसके साथ केंद्रीय मंत्री का यह भी कहा कि केरल पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूलने वाले राज्यों में शामिल है.


‘किसानों की कर्जमाफी का फैसला 15 दिन में लागू कर दिया जाएगा.’

— एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का यह बयान किसानों की कर्जमाफी का फैसला करने में देरी को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए चाहे जो परेशानियां आएं लेकिन मेरी सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और आपको (किसानों) बचाने के लिए प्रतिबद्ध है.’ एचडी कुमारस्वामी ने आगे कहा कि उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से बात की है और वे भी किसानों की कर्जमाफी के समर्थन में हैं. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान एचडी कुमारस्वामी ने सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर किसानों का 53 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का वादा किया था.


‘रूस, दक्षिण और उत्तर कोरिया व उत्तर कोरिया और अमेरिका के रिश्तों में बदलाव का समर्थन करता है.’

— सर्गेई लावरोव, रूस के विदेश मंत्री

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का यह बयान उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठक को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘हमें इन चर्चाओं से उम्मीद रखनी चाहिए...यह महज चेतावनी देकर खत्म नहीं हो जाएंगी.’ उत्तर कोरिया की अपनी यात्रा को लेकर सर्गेई लावरोव ने कहा, ‘मेरी यात्रा यह समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी कि हमारे उत्तर कोरियाई पड़ोसी (कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दों पर) क्या सोचते हैं.’ सर्गेई लावरोव गुरुवार को अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष री योंग हो से मुलाकात करेंगे.