प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कथित रोड शो के बाद की कुछ तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर की जा रही हैं. इनमें रोड शो के बाद सड़क पर फैला कूड़ा देखा जा सकता है. इन्हें देखकर लोग फ़ेसबुक, वॉट्सएप और ट्विटर के ज़रिये मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान पर तंज़ कस रहे हैं. यहां यह भी बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें उसी दिन की हैं जब प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था. इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि सड़क का यह हाल भाजपा समर्थकों ने किया था. इन वायरल तस्वीरों से संबंधित कुछ पोस्ट नीचे देखे जा सकते हैं.

ये तस्वीरें बीती 23 मई के बाद से वायरल होना शुरू हुई हैं. इनमें से एक ‘द लाई लामा’ नाम के फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से शेयर की गई है. यहां से इसे अब तक 29 हज़ार से ज़्यादा लोग शेयर कर चुके हैं. वहीं, कई लोग पोस्ट पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कांग्रेस समर्थक भाजपा, नरेंद्र मोदी और स्वच्छ भारत अभियान का मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, और भाजपा समर्थक अपने-अपने तर्कों से सड़क पर फैली गंदगी को लेकर सफ़ाई दे रहे हैं. हमने जानने की कोशिश की कि क्या ये तस्वीरें प्रधानमंत्री के किसी कार्यक्रम के बाद की ही हैं और क्या इनका भाजपा से कोई लेना-देना है या नहीं.

वायरल तस्वीरें
वायरल तस्वीरें

हमारी जांच पड़ताल में यह तो साफ़ हुआ कि ये तस्वीरें भाजपा के एक कार्यक्रम की ही हैं और एडिट नहीं की गई हैं. इन्हें स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ना भी ग़लत नहीं लगता, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी 2019 के अंत तक देश को पूरी तरह साफ़-सुथरा बनाने को प्रतिबद्ध हैं. ऐसे में उन्हीं की पार्टी के लोग गंदगी फैलाएंगे तो विरोधियों को मौक़ा मिलेगा ही.

लेकिन इन तस्वीरों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसी रोड शो या रैली से कोई संबंध नहीं है. दरअसल ये तस्वीरें मुंबई से सटे इलाक़े पालघर की हैं. इस लोक सभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव का कल परिणाम भी आया है जिसमें भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र गावित को जीत हासिल हुई है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं इन तीनों तस्वीरों का राजेंद्र गावित, पालघर के पूर्व सांसद दिवंगत चिंतामन वनागा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंध है, न कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से.

पिछले दिनों महाराष्ट्र में लोक सभा और विधानसभा सीटों के उपचुनावों को लेकर पार्टियों का प्रचार अभियान ज़ोर पर था. इसी सिलसिले में 23 मई को पालघर में भाजपा ने रैली की थी. इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर स्टार प्रचारक शामिल हुए थे. तब इस रैली में जुटे कई लोग भाजपा के छापे वाली टोपी पहने हुए थे. किसी-किसी के पास दिवंगत सांसद चिंतामन वनागा का पोस्टर भी था. जैसा कि हमारे यहां अक्सर होता है, रैली ख़त्म होने के बाद ये टोपियां और पोस्टर वहीं सड़क पर छोड़ दिए गए.

सड़क की इन तस्वीरों में जहां-तहां पड़े प्लास्टिक के कई गिलास भी देखे जा सकते हैं. जाहिर है कि भरी गर्मी में आयोजित हुई इस रैली में जुटी भीड़ के लिए इन्हीं प्लास्टिक के गिलासों में पानी की व्यवस्था की गई होगी. हालांकि पानी पीने के बाद शायद ही इनमें से किसी ने इन गिलासों को कूड़ेदान में फेंकने की जहमत उठाई हो. सो ये भी सड़क पर छोड़ दिए गए. वहीं बाद में किसी ने टोपियों, पोस्टरों और इन गिलासों से भरी सड़क की तस्वीरें खींच लीं और सोशल मीडिया पर डाल दीं. कुछ लोगों ने इसका फ़ायदा उठाया और इन तस्वीरों को प्रधानमंत्री की रैली के नाम से चलाने लगे.

23 मई को पालघर में हुई भाजपा की रैली की तस्वीरें
23 मई को पालघर में हुई भाजपा की रैली की तस्वीरें

चलते-चलते बता दें कि हाल में देश की जिन चार लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे, उनके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की तरफ से किसी प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था. हालांकि कैराना में वोट पड़ने से एक दिन पहले उन्होंने इससे सटे बाग़पत में एक रैली जरूर की थी और इसको लेकर उनकी आलोचना भी हुई थी.