आधार को बैंक खातों से जोड़ना ज़रूरी है या नहीं ये अभी तक स्पष्ट नहीं है. इस बारे में अदालत विचार कर रही है. फैसला अभी आया नहीं है. लेकिन सूत्रों के हवाले से जो ख़बर आई उसे सही मानें तो सरकारी बैंक इस मामले में अपने कर्मचारियों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं. यहां तक कि उन्हें तनख़्वाह काटने की भी चेतावनी दी जा रही है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मिले निर्देशों के बाद तमाम सरकारी बैंकों ने अपने कर्मचारियों को तयशुदा लक्ष्य दिए हैं. हर कर्मचारी से रोज कम से कम 16 ख़ाताधारकों के ख़ातों को आधार से जोड़ने के लिए कहा जा रहा है. यह लक्ष्य पूरा न करने पर तनख़्वाह काटने या अन्य तरह की कार्रवाई करने की चेतावनी दी जा रही है.

उदाहरण के लिए यूको बैंक के जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने सभी शाखाओं को एक पत्र भेजा है. इसमें कहा गया है, ‘आप सभी को निर्देश दिया जाता है कि रोज कम से कम 16 लोगों के ख़ातों को आधार से जोड़ने का लक्ष्य आवश्यक रूप से पूरा करें. अन्यथा यूनीक़ आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी जो आर्थिक दंड (पेनाल्टी) लगाएगी उसे आपकी (कर्मचारियों की) तनख़्वाह से काटा जाएगा.’

अख़बार के मुताबिक यूको बैंक का यह पत्र 25 मई को जारी हुआ है. बैंक के जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय के उपप्रमुख एके पाणि इसकी पुष्टि भी करते हैं. लेकिन साथ ही कहते हैं कि यह कोई चेतावनी या धमकी नहीं है बल्कि कर्मचारियों को लक्ष्य पूरा करने के लिए सचेत करने का तरीका है. अख़बार की मानें तो भारतीय स्टेट बैंक के एक अधिकारी ने भी इस किस्म के दबाव की पुष्टि की है.