गुजरात की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपित अहमद लंबू को गिरफ्तार कर लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एटीएस ने शुक्रवार को नवसारी-वलसाड तटीय इलाके से इसकी गिरफ्तारी की है. अहमद लंबू को पकड़ने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और इंटरपोल ने लुकआउट नोटिस जारी कर रखा था. इसके अलावा उसकी सूचना देने पर पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित था. अहमद लंबू पर हथियारों की अवैध आपूर्ति में भी शामिल होने का आरोप है.

1993 के सिलसिलेवार बम धमाका मामले की सुनवाई कर रही आतंकवाद और विध्वंसक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (टाडा) के तहत गठित मुंबई स्थित विशेष अदालत ने बीते साल पांच लोगों को सजा सुनाई थी. इसमें गैंगेस्टर अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्र कैद, जबकि ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को मौत की सजा मिली थी. वहीं, रियाज सिद्दीकी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. अबू सलेम का 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पण हुआ था, इसलिए इसकी शर्तों के मुताबिक उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती थी.

1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों का मुख्य साजिशकर्ता मुस्तफा दौसा था. लेकिन टाडा अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद उसकी मौत हो गई थी, इसलिए उसके खिलाफ मामले को बंद कर दिया गया था. मुंबई बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 713 लोग घायल हो गए थे.