राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पटना स्थित विशेष अदालत ने बोधगया बम धमाका मामले में सजा सुना दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अदालत ने सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. एनआईए की विशेष अदालत ने बीते हफ्ते आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े सभी पांचों आरोपितों को दोषी ठहराया था.

रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए की विशेष अदालत पहले 31 मई को सजा सुनाने वाली थी लेकिन इसे शुक्रवार तक के लिए टाल दिया गया था. एनआईए ने हैदर अली को बोधगया के महाबोधि मंदिर में 7 जुलाई, 2013 को किए गए बम धमाकों का मुख्य साजिशकर्ता, जबकि इम्तियाज अंसारी, मुजीब उल्लाह, ओमर सिद्दीकी और अजहरुद्दीन कुरैशी को सह-साजिशकर्ता बनाया था. जांच एजेंसी के मुताबिक विश्व धरोहर में शामिल इस बौद्ध स्थल को निशाना बनाने की वजह म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार का बदला लेना था. इन धमाकों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए थे.

बोधगया बम धमाका मामले में एक नाबालिग भी आरोपित था, जिसे पटना स्थित जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पहले ही तीन साल की सजा सुना चुका है. एनआईए के मुताबिक नाबालिग सहित बोधगया बम धमाकों के सभी पांचों आरोपित 2013 में पटना के गांधी मैदान में हुए बम धमाकों में भी शामिल थे. हालांकि, नाबालिग को छोड़कर बाकी लोगों के खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है.