उत्तर प्रदेश की कैराना लोक सभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनावों में सत्ताधारी भाजपा की हार के लिए पार्टी के नेता अलग-अलग वजहें गिनाते नजर आ रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण और धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने इसके लिए गर्मी की छुट्टियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, ‘हमारे मतदाता और समर्थक अपने बच्चों के साथ गर्मियों की छुट्टियां मनाने चले गए थे, इसलिए दो सीटों (कैराना और नूरपुर) पर हम लोग हार गए.’

रिपोर्ट के मुताबिक अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने यह भी कहा कि उपचुनावों को आम चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, दोनों में बहुत ज्यादा अंतर होता है. उनके मुताबिक आम चुनाव में लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. लक्ष्मी नारायण चौधरी ने एकजुट विपक्ष को भी हार की एक बड़ी वजह बताया. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस हार को चुनौती के रूप में लेगी और 2019 के लोक सभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी.

भाजपा लोक सभा और विधानसभा की 15 सीटों पर हुए उपचुनावों में केवल दो सीटें ही जीत पाई है. इस बारे में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, ‘लंबी छलांग लगाने के लिए दो कदम पीछे हटना पड़ता है. भविष्य में भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगी.’ वहीं, भाजपा नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद का कहना था कि उपचुनावों के नतीजों को भाजपा का भविष्य तय करने वाला पैमाना नहीं माना जा सकता है.

उत्तर प्रदेश की कैराना लोक सभा सीट पर विपक्ष ने राष्ट्रीय लोकदल की तबस्सुम हसन को समर्थन दिया था. वहीं, भाजपा ने अपने पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को मैदान में उतारा था. यह सीट हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई थी. इस उपचुनाव को विपक्ष की एकता और भाजपा की जमीनी ताकत के आकलन के तौर पर देखा जा रहा था. भाजपा इससे पहले गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में भी एकजुट विपक्ष से मात खा चुकी है.