स्पेन में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया. खबरों के मुताबिक वहां के प्रधानमंत्री मारियोनो राख़ोय ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया. संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दूसरे दिन उन्होंने कहा, ‘(स्पेनिश सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी के महासचिव) पेद्रो सांचेज सरकार के नए प्रधानमंत्री होंगे. मैं सबसे पहले उन्हें बधाई देना चाहता हूं.’ मारियोनो राख़ोय ने यह भी कहा कि उन्हें जैसा स्पेन मिला था, उसे उससे बेहतर हालत में छोड़कर जाना उनके लिए फक्र की बात है. स्पेन के लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी प्रधानमंत्री को अविश्वास प्रस्ताव की वजह से पद छोड़ना पड़ा है.

बीबीसी के मुताबिक मारियोनो राख़ोय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की वजह उनकी पीपुल्स पार्टी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इसमें पार्टी द्वारा 1999 से 2005 तक गोपनीय प्रचार निधि चलाने का भी मामला शामिल है. बीते हफ्ते मैड्रिड हाई कोर्ट ने उनकी पार्टी के पूर्व ट्रजरी लुईस बर्सेनास को रिश्वतखोरी, मनी लॉन्डरिंग और टैक्स से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया था. इसके बाद विपक्षी नेता पेद्रो सांचेज ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया था.

हालांकि, शुरुआत में प्रधानमंत्री मारियोनो राख़ोय ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले पद छोड़ने से इनकार कर दिया था. उनका कहना था कि उनके पास जनता का विश्वास है, जिन्होंने उन्हें 2016 में वोट दिया था. हालांकि पेद्रो सांचेज गुरुवार को क्षेत्रीय दलों को मारियोनो राख़ोय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अपने साथ लाने में सफल हो गए थे. इससे उन्हें प्रधानमंत्री बनने के लिए जरूरी बहुमत भी हासिल हो गया था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार शुक्रवार को मतदान के दौरान अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 180, जबकि उसके खिलाफ 169 वोट पड़े.